हामिद अंसारी की टिप्पणी ने कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग, माओवादी’ चरित्र को उजागर किया: भाजपा

हामिद अंसारी की टिप्पणी ने कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग, माओवादी’ चरित्र को उजागर किया: भाजपा

हामिद अंसारी की टिप्पणी ने कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग, माओवादी’ चरित्र को उजागर किया: भाजपा
Modified Date: September 21, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: September 21, 2026 2:36 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ‘‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि इससे विपक्षी दल का ‘‘मुस्लिम लीग, माओवादी’’ चरित्र उजागर हो गया है।

दरअसल, शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अंसारी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत के लिए असली खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।’’

पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि नेहरू ने यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के दौरान की थी, जिसे तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने दर्ज किया था और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ ए. जी. नूरानी ने अपनी वर्ष 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया’ में इसका उल्लेख किया है।

भाजपा सांसद एवं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अंसारी की टिप्पणियों ने ‘‘इस बात को उजागर कर दिया है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से ‘‘मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस बन चुकी है।’’

उन्होंने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति की टिप्पणी यह भी प्रदर्शित करती है कि नेहरू साम्यवाद को एक खतरा मानते थे, जबकि कांग्रेस अब ‘‘अति-वामपंथ’’ की ओर बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज कांग्रेस अति-वामपंथी हो गई है। वह साम्यवाद में घिर चुकी है, जिसे नेहरू एक खतरा मानते थे।’’

त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस आज ‘‘वही गलती कर रही है जो उसने 100 साल पहले की थी।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को नेहरू का हवाला देने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू की लिखी किताबें पढ़ी ही न हों।

इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या वह इस पद पर बने रहने के योग्य हैं, यह एक ‘‘यक्ष प्रश्न’’ है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है…। सरल शब्दों में कहें तो वह ‘जोकरई’ (मसखरेपन) पर उतर आए हैं।’’

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा था कि एक ‘सिस्टम’ ने पूरे देश पर कब्जा कर लिया है और वह नहीं चाहता कि छात्र उसके सामने अपने बुनियादी मुद्दों को लेकर सवाल उठाएं, इसी डर से यह ‘सिस्टम’ छात्र नहीं ‘‘अंधभक्त’’ चाहता है जो छात्रों को प्रताड़ित करता है ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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