हरभजन सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा सीट बेचने का आरोप लगाया

हरभजन सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा सीट बेचने का आरोप लगाया

हरभजन सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा सीट बेचने का आरोप लगाया
Modified Date: May 22, 2026 / 10:54 pm IST
Published Date: May 22, 2026 10:54 pm IST

चंडीगढ़, 22 मई (भाषा) आम आदमी पार्टी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले मशहूर गेंदबाज हरभजन सिंह ने पार्टी छोड़ने के करीब एक महीने बाद शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी पर रिश्वत लेने और राज्यसभा सीट “बेचने” का आरोप लगाया।

राज्यसभा सदस्य (45) का यह आरोप तब आया जब सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक यूज़र ने उन्हें “गद्दार” कहा और लिखा, “आप जिन नेता (अरविंद केजरीवाल) को दिन-रात गालियां देते हैं, आपने उनकी दी हुई राज्यसभा सीट से इस्तीफा क्यों नहीं दिया।”

आप के कई समर्थकों ने सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह को ‘ट्रोल’ किया और उन्हें “गद्दार” कहकर संबोधित किया।

ऑनलाइन हमले का जवाब देते हुए सिंह ने ‘एक्स’ पर हिंदी में लिखा, “जब समय आएगा, आपके हर एक सवाल का जवाब दिया जाएगा। मैंने आपके किसी भी नेता को अपशब्द नहीं कहा; फिर मैं अपनी जुबान क्यों खराब करूं? और जो मुझे गद्दार कह रहे हैं, पहले अपने लोगों से पूछो कि पंजाब की एक राज्यसभा सीट कितने में बेची गई थी।”

उन्होंने लिखा, “अगर वे आपको नहीं बता पाए, तो मैं बता दूंगा कि किसे कितना कमीशन मिला और किससे मिला। मैं यह भी उजागर करूंगा कि कैसे कुछ लोगों को सिर्फ पंजाब को लूटने और अवैध धन ‘लाला’ तक पहुंचाने के लिए मंत्री और अधिकारी बनाया गया। आपने पंजाब को पूरी तरह लूट लिया है और निगल लिया है।”

पिछले महीने की 24 तारीख को आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।

इन सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं ।

इन सांसदों ने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकता से भटक गई है।

पार्टी छोड़ने वाले इन सात में से छह सांसद पंजाब के हैं।

आप छोड़ने के बाद, आप कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और अशोक मित्तल के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किए थे। जालंधर और लुधियाना में उनके आवासों की दीवारों पर स्प्रे पेंट से “गद्दार” भी लिखा गया।

‘गद्दार’ कहने वालों” पर पलटवार करते हुए पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “यह वही राजनीतिक पार्टी है जिसने मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और उस पर ‘गद्दार’ लिखा।

खेल के मैदान पर भज्जी के नाम से लोकप्रिय हरभजन ने कहा, ‘‘लोगों से मेरी अपील है कि ऐसे काम न करें और ऐसा करने का आदेश किसने दिया।’’

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘‘क्रिकेट मैदान में इस देश ने मुझे बहुत प्यार दिया है-20 वर्षों तक मैंने खेल के मैदान में देश का नाम ऊंचा किया है, और आप लोग सोचते हैं कि अगर आप कोई टैग लगा देंगे तो वह चिपक जाएगा!”

विवाद में उतरते हुए शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि हरभजन सिंह के खुलासों ने आम आदमी पार्टी (आप) की नींव हिला दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब पार्टी के पुराने नेता भी उसके भीतर मौजूद भ्रष्टाचार और राजनीतिक सौदेबाज़ी को उजागर करने लगे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए, मजीठिया ने एक बयान में आरोप लगाया कि वे अब पंजाब के लोगों के लिए काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि “अरविंद केजरीवाल के दलाल” की तरह काम कर रहे हैं।

शिअद नेता ने हरभजन सिंह से आग्रह किया कि वे उन लोगों के नाम सार्वजनिक करें जो राज्यसभा सीट “बेचने” में शामिल थे।

भाषा रंजन नेत्रपाल

नेत्रपाल


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