हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राजस्व शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राजस्व शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राजस्व शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए
Modified Date: July 19, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: July 19, 2026 9:19 pm IST

चंडीगढ़, 19 जुलाई (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर राजस्व सेवा पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-आधारित और समयबद्ध तरीके से दी जाए ताकि लोगों को बिना किसी देरी के परेशानी मुक्त सेवाएं मिल सकें।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शिकायत निवारण प्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से इस पूरे तंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए आसान बनाने को कहा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर पात्र नागरिक को न्याय मिलना चाहिए और जिन आवेदकों के मामले खारिज कर दिए गए हैं, यदि वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं तो उन्हें समीक्षा का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।

सैनी ने शिकायत डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि खारिज किए गए हर मामले में अस्वीकृति के कारणों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

उन्होंने सभी उपायुक्तों (डीसी) को निर्देश दिया कि वे सभी जिलों में आयोजित होने वाले साप्ताहिक ‘समाधान शिविरों’ में तहसीलदारों और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों को भी शामिल करें।

बैठक में मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि राज्य के भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत 40.20 करोड़ से अधिक पुराने राजस्व रिकॉर्ड के चित्रों को डिजिटल किया जा चुका है और करीब 44,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।

इसके अलावा, प्रामाणिकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगभग 42 लाख पहचान संख्याओं को पुराने राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ा गया है।

विभाग ने पांच लाख से अधिक लंबित दाखिल-खारिज मामलों का निपटारा भी किया है, जिससे कुल लंबित मामले करीब छह लाख से घटकर लगभग एक लाख रह गए हैं।

भाषा सुमित प्रशांत

प्रशांत


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