हरियाणा: सैनी ने ‘सीएम गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स’ को विकास परियोजनाओं की निगरानी के निर्देश दिए

हरियाणा: सैनी ने 'सीएम गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स' को विकास परियोजनाओं की निगरानी के निर्देश दिए

हरियाणा: सैनी ने ‘सीएम गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स’ को विकास परियोजनाओं की निगरानी के निर्देश दिए
Modified Date: September 16, 2026 / 01:13 pm IST
Published Date: September 16, 2026 1:13 pm IST

चंडीगढ़, 16 सितंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘चीफ मिनिस्टर्स गुड गवर्नेंस एसोसिएट्स’ (सीएमजीजीए) के कामकाज की समीक्षा की और उन्हें अपने-अपने जिलों में सरकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गहन निगरानी करने के निर्देश दिए।

सैनी ने मंगलवार को हुई बैठक के दौरान कहा कि इन ‘एसोसिएट्स’ की प्राथमिक जिम्मेदारी जमीनी स्तर पर सुशासन को मजबूत करना, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने इन ‘एसोसिएट्स’ को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समय-समय पर मूल्यांकन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए।

सैनी ने इन ‘एसोसिएट्स’ को अपने-अपने जिलों में ‘मुख्यमंत्री की घोषणाओं’ की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए, जिसमें लंबित परियोजनाओं और देरी के कारणों का स्पष्ट उल्लेख हो।

उन्होंने इन ‘एसोसिएट्स’ को जिला और उप-मंडल स्तर पर आयोजित ‘समाधान शिविरों’ का मूल्यांकन करने और वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए शिविरों का औचक निरीक्षण करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने इन्हें राज्य भर के खेल स्टेडियमों और व्यायामशालाओं पर रिपोर्ट देने तथा अपने जिलों में विकास कार्यों पर होने वाली मासिक बैठकों में भाग लेने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने इन ‘एसोसिएट्स’ से इन बैठकों के दौरान अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री की घोषणाओं’ की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने को कहा।

हरियाणा सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठकों में लिए गए निर्णयों के लिए एक निगरानी प्रणाली लागू की है।

इसके तहत विभागों को कार्रवाई योग्य निर्देशों के लिए जवाबदेही और समय-सीमा तय करने तथा दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अनुपालन के दावों की पुष्टि करने की आवश्यकता है।

बयान में बताया गया कि मंगलवार की बैठक के दौरान सैनी ने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में उजागर हुई कमियों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

इस दौरान ठोस कचरा प्रबंधन और शहरी स्थानीय निकायों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव


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