चेन्नई, 17 अप्रैल (भाषा) चेन्नई की चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट पर राज्य के अन्य क्षेत्रों की तरह बहुकोणीय मुकाबला तय है, लेकिन चुनावी लड़ाई मुख्य रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की युवा इकाई के प्रमुख उदयनिधि स्टालिन और अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता अधि राजाराम के बीच सिमटती नजर आ रही है।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन इस सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। इसी निर्वाचन क्षेत्र ने उनके दादा और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम करुणानिधि को लगातार तीन बार – 1996, 2001 और 2006 में विधानसभा भेजा था।
उदयनिधि के 2021 में चुनाव जीतने से पहले द्रमुक के जे. अन्बलगन ने 2011 और 2016 में यह सीट जीती थी और यह क्षेत्र द्रमुक का गढ़ बना हुआ है।
द्रमुक के इस कब्जे को खत्म करने का लक्ष्य लेकर 67 वर्षीय अन्नाद्रमुक नेता अधि राजाराम मैदान में हैं। पार्टी के नेतृत्व संकट के दौरान उन्होंने टीटीवी दिनाकरन या ओ पनीरसेल्वम का समर्थन नहीं किया था। उनका कहना है कि वह यहां द्रमुक के ‘‘वर्चस्व’’ का अंत करेंगे।
राजाराम ने कहा, ‘‘मैं भारी मतों के अंतर से जीतूंगा और इस सीट पर परिवारवाद खत्म करूंगा। पिछले पांच वर्षों में यहां वास्तविक विकास नहीं हुआ है।’’
वह पहले 2006 में थाउजेंड लाइट्स सीट से एमके स्टालिन के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और दूसरे नंबर पर रहे थे।
वहीं, 48 वर्षीय उदयनिधि ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ सरकार के नाम पर प्रचार कर रहे हैं। वह मतदाताओं से कहते हैं- ‘‘मैं एम करुणानिधि का पोता, एमके स्टालिन का बेटा, अपनी ओर से और आपके ‘चेला पिल्लै’ (प्यारे बच्चे) के रूप में द्रमुक को निर्णायक जीत दिलाने की अपील करता हूं।’’
अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके के उम्मीदवार डी सेल्वम और पूर्व फिल्म निर्देशक सीमान की नाम तमिझर कच्ची की उम्मीदवार आयशा बेगम भी 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव में मैदान में हैं। चुनाव के नतीजे चार मई को घोषित होंगे।
राजाराम 2021 में कोलाथुर सीट पर उदयनिधि के पिता एमके स्टालिन के खिलाफ हार गए थे और इस बार चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी से प्रत्याशी बनाए गए हैं। वह क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और सड़क ढांचे में सुधार का मुद्दा उठा रहे हैं।
उधर उदयनिधि के प्रचार का मुख्य मुद्दा 2017 की वह तस्वीर बनी हुई है, जिसमें अन्नाद्रमुक महासचिव ई. के. पलानीस्वामी दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की करीबी वीके शशिकला के चरणों में झुकते दिख रहे हैं। उदयनिधि इसी तस्वीर के जरिए पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने पर सवाल उठा रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में उदयनिधि ‘‘एम्स’’ लिखी एक ईंट दिखाकर मदुरै में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परियोजना के निर्माण में देरी को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसते थे।
हालांकि, पलानीस्वामी ने पलटवार करते हुए कहा कि उदयनिधि की आलोचना में ‘‘गरिमा और अनुशासन’’ की कमी है।
चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र चेन्नई सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के छह हिस्सों में से एक है। इसमें मरीना बीच और एमए चिदंबरम स्टेडियम जैसे प्रमुख स्थल आते हैं।
उदयनिधि ने 2021 में अपने पहले चुनाव में पीएमके के एवीए कसाली को 69,355 मतों से हराया था।
द्रमुक नेता ने चेपॉक क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रचार किया और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि यदि जनता पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता देगी तो और अधिक विकास होगा।
हालांकि, यह क्षेत्र स्थानीय समस्याओं से भी जूझ रहा है। पुराना नागरिक ढांचा, लगातार यातायात जाम, मानसून में जलभराव और कम नागरिक सुविधाएं यहां के प्रमुख मुद्दे हैं।
साल 2026 तक इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,63,866 मतदाता हैं।
भाषा गोला संतोष
संतोष