तृणमूल सांसद मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली

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तृणमूल सांसद मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 08:20 PM IST

कोलकाता, 24 अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई सात सितंबर तक के लिए टाल दी, जिसमें नादिया जिले के कृष्णानगर की एक अदालत द्वारा उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की वैधता को चुनौती दी गई है।

उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त को उस गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी, जो नादिया में मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष पेश होने के निर्देशों का कथित तौर पर पालन न करने के कारण मोइत्रा के खिलाफ जारी किया गया था।

न्यायमूर्ति देबांग्सु बसाक की अध्यक्षता वाली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मामले से जुड़े पक्षों के अनुरोध पर, मोइत्रा की उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसमें उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की वैधता को चुनौती दी गई थी।

पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति आर्यक दत्त भी शामिल हैं, ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई सात सितंबर को होगी।

यह गिरफ्तारी वारंट नादिया जिले की अदालत में दायर एक मामले में जारी किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कृष्णानगर की सांसद ने महिलाओं का अपमान किया और नफरत फैलाने वाला भाषण दिया।

मोइत्रा के वकील अर्को कुमार नाग के अनुसार, चूंकि शिकायत में बताए गए उनके कथित भाषणों की तारीखें और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने का समय, उस दौरान का है जब वह सांसद थीं, इसलिए इस मामले की सुनवाई निर्दिष्ट एमपी/एमएलए (सांसद/विधायक) अदालत में होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि आरोप बेबुनियाद और तुच्छ हैं, और शिकायत में कही गई बातों को अपराध नहीं माना जा सकता।

मोइत्रा के खिलाफ महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया था, जिसके लिए कृष्णानगर अदालत ने उन्हें समन जारी किया था।

कृष्णानगर अदालत के तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह देखते हुए कि बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुईं, 19 अगस्त को मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश