गठबंधन बदलने को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में तीखी नोकझोंक
गठबंधन बदलने को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में तीखी नोकझोंक
चेन्नई, 11 अगस्त (भाषा) गठबंधन बदलने के मुद्दे पर तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई तथा सदस्यों ने एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं।
विधानसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए पन्नीरसेल्वम ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं को दी जाने वाली बढ़ी हुई मासिक वित्तीय सहायता और हर साल छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के वादे का उल्लेख किया।
पन्नीरसेल्वम ने कहा, ‘‘जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया था, लेकिन उसे भारी निराशा हाथ लगी है। चुनावी घोषणापत्र में किए गए इन वादों को प्रमुख योजनाओं के रूप में लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ऐसा करने में विफल रही।’’
पूर्व अन्नाद्रमुक नेता पन्नीरसेल्वम ने दावा किया कि सरकार के प्रति जनता की भावना बदल गई है। पन्नीरसेल्वम ने विधानसभा चुनाव से पहले द्रमुक का दामन थाम लिया था।
सत्ता पक्ष की ओर से, सदन के नेता के ए सेंगोट्टैयन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के पास अपने वादे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश है।
इसके बाद बहस जल्द ही व्यक्तिगत टिप्पणियों में बदल गई और नेताओं ने राजनीतिक निष्ठाएं बदलने को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधा।
सेंगोट्टैयन ने पन्नीरसेल्वम पर तंज करते हुए कहा, ‘‘जैसा कि आपने खुद कभी कहा था कि केवल तीन महीने में इतिहास नहीं बनाया जा सकता। अगर आपने अपने कार्यकाल में ऐसा कर दिखाया था तो हमें भी बताइए।’’
उन्होंने कहा कि जब आम लोग सरकार के कामकाज की सराहना कर रहे हैं, तब बजट को निराशाजनक बताना अजीब है। विपक्षी नेता के हालिया राजनीतिक बदलाव पर कटाक्ष करते हुए सेंगोट्टैयन ने कहा, ‘‘सिर्फ गठबंधन बदल लेने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने नए नेता की प्रशंसा में गीत गाने लगें।’’
इस पर पन्नीरसेल्वम ने पलटवार करते हुए कहा कि सेंगोट्टैयन भी अन्नाद्रमुक से मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके में शामिल हुए थे।
देखते-देखते बहस ‘‘तस्वीरों और निष्ठा’’ तक पहुंच गई। स्कूल शिक्षा मंत्री ए राजमोहन ने सेंगोट्टैयन की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह अब भी अपनी शर्ट की जेब में दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की तस्वीर रखते हैं, लेकिन पन्नीरसेल्वम ने न केवल अपना स्थान बदला है बल्कि अपने दिल के करीब रखी तस्वीर भी बदल ली है।
लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने भी सेंगोट्टैयन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी बदलने के बावजूद दिवंगत नेता की तस्वीर अपने पास रखी है।
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि पेरियार, अन्ना, एम करुणानिधि, एम जी रामचंद्रन और जे जयललिता जैसे नेता उनके दिल में बसे हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जनता को गुमराह करने के लिए दिखावा करने में विश्वास नहीं रखते।’’ उन्होंने अपने मौजूदा रुख का बचाव करते हुए कहा कि वह द्रविड़ आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पिछले पांच वर्षों में राज्य के अधिकारों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के संघर्ष से जुड़े रहे हैं।
पन्नीरसेल्वम ने कहा, ‘‘मैं उनकी तस्वीर उनके प्रति आभार व्यक्त करने के लिए रखता हूं।’’
सेंगोट्टैयन ने इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि वह किसी की निजी तस्वीर रखने पर सवाल नहीं उठा रहे थे, बल्कि विपक्षी नेता द्वारा बजट को लेकर की गई टिप्पणियों को अपमानजनक मानते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने अम्मा (जयललिता) के नेतृत्व में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में काम किया है। जनता आज उनके बयानों को ध्यान से देख रही है।’’
बहस जारी रहने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और कुछ टिप्पणियों को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों पक्षों से चर्चा को गरिमा के अनुरूप आगे बढ़ाने की अपील की।
भाषा मनीषा नेत्रपाल
नेत्रपाल

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