उच्च न्यायालय ने यूएपीए मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को जमानत दी

उच्च न्यायालय ने यूएपीए मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को जमानत दी

उच्च न्यायालय ने यूएपीए मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को जमानत दी
Modified Date: June 10, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: June 10, 2026 7:49 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को आतंकवाद-रोधी कानून के तहत दर्ज एक मामले में बुधवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने इस मामले में परवेज के चार साल से ज़्यादा समय से जेल में रहने और मुकदमे के जल्द पूरा होने की कम संभावना को ध्यान में रखते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकार, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 43डी(5) के तहत जमानत पर लगी रोक से ज्यादा अहम हैं।

पीठ ने यह भी कहा कि 2004 में बारूदी सुरंग विस्फोट में एक पैर गंवा चुका आरोपी शारीरिक रूप से निशक्त है, इसलिए उसके मामले में विशेष रियायत पर विचार किया जाना चाहिए।

अदालत ने परवेज की जमानत अर्जी खारिज करने वाली निचली अदालत के दिसंबर 2024 के आदेश को रद्द कर दिया और आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

अदालत ने परवेज से अपना पासपोर्ट जमा करने, निचली अदालत की इजाजत के बिना दिल्ली न छोड़ने और नियमित रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

‘जम्मू-कश्मीर कोएलिशन ऑफ़ सिविल सोसाइटी’ के कार्यक्रम समन्वयक और ‘एशियन फ़ेडरेशन अगेंस्ट इनवॉलंटरी डिसअपियरेंस’ के अध्यक्ष परवेज को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 22 नवंबर, 2021 को गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने आरोप लगाया था कि परवेज ने मानवाधिकार कार्यकर्ता की आड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के साथ साजिश रचकर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क संचालित किया।

एनआईए ने यह भी आरोप लगाया कि परवेज नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट सेना के वाहनों की आवाजाही, सड़कों की स्थिति, सेना के शिविरों तथा सेना, अर्द्धसैन्य बल और पुलिस के ढांचे से जुड़ी जानकारी जुटाने में सक्रिय रूप से शामिल था।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में