जोशीमठ पर समिति गठित न करने के लिए उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को तलब किया

जोशीमठ पर समिति गठित न करने के लिए उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को तलब किया

जोशीमठ पर समिति गठित न करने के लिए उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को तलब किया
Modified Date: September 1, 2023 / 08:58 pm IST
Published Date: September 1, 2023 8:58 pm IST

नैनीताल, एक सितंबर (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा कि भूधंसाव ग्रस्त जोशीमठ के संबंध में एक विशेषज्ञ समिति गठित करने के उसके निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया।

इस संबंध में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को जोशीमठ के संबंध में उसके निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया ।

अदालत ने सरकार को इस वर्ष जनवरी में जोशीमठ में हुए भूधंसाव की जांच के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला, उत्तराखंड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक एम पी बिष्ट तथा स्वतंत्र विशेषज्ञ सदस्यों की एक समिति बनाने का निर्देश दिया था ।

जनहित याचिका में कहा गया है कि न तो ऐसी किसी समिति का गठन किया गया है और न ही इस संबंध में विशेषज्ञों की सलाह ली गयी है।

याचिका में जोशीमठ को तबाही के कागार पर बताते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा जोशीमठ की जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है और उनके पुनर्वास के लिए अब तक कोई योजना नहीं तैयार की गयी है ।

इसके अनुसार, प्रशासन ने जोशीमठ में 600 ऐसे भवनों को चिन्हित किया है जिनमें दरारें हैं ।

पीयूष रौतेला और एमपी बिष्ट ने 25 नवंबर, 2010 को एक शोध पत्र छापा था कि एनटीपीसी हेलंग के निकट एक सुरंग बना रहा है जो बहुत संवेदनशील क्षेत्र है।

सुरंग बनाते समय एनटीपीसी की टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) फंस गयी थी जिसके कारण पानी का रास्ता बंद हो गया और वह उपर की तरफ 700—800 लीटर प्रति सेकंड की दर से बहना शुरू हो गया ।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पानी के सतह पर बहने के कारण निचले इलाकों की जमीन खाली हो जाएगी और भूधंसाव होगा इसलिए इस क्षेत्र में सर्वेंक्षण के बिना भारी निर्माण कार्य नहीं किए जाने चाहिए।

मामले में सुनवाई की अगली तारीख 22 सितंबर तय की गयी है ।

भाषा सं दीप्ति दीप्ति रंजन

रंजन


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