हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू ने यात्री वाहनों पर प्रवेश कर में बढ़ोतरी को वापस लिया

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू ने यात्री वाहनों पर प्रवेश कर में बढ़ोतरी को वापस लिया

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू ने यात्री वाहनों पर प्रवेश कर में बढ़ोतरी को वापस लिया
Modified Date: March 31, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: March 31, 2026 8:40 pm IST

शिमला, 31 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की सीमाओं पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद, पांच सीट और 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों पर प्रवेश कर (टोल टैक्स) में की गई वृद्धि को वापस ले लिया।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि इस मुद्दे पर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि अधिकांश श्रेणियों के लिए बढ़ोतरी मामूली है। उन्होंने कहा कि प्रवेश स्थानों के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को पास जारी कर राहत प्रदान की जाएगी।

इससे पहले, कार, जीप और वैन सहित हल्के मोटर वाहनों पर ‘टोल टैक्स’ 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया था, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए थे।

विपक्षी भाजपा ने मंगलवार को विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया। उसने इससे पहले भी इस मुद्दे को उठाया था।

सूत्रों के मुताबिक, ‘टोल टैक्स’ में बढ़ोतरी से टैक्सी ऑपरेटर और पर्यटन उद्योग भी नाखुश थे और सीमावर्ती इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए।

पंजाब के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए सीमा पर एकत्र होकर 31 मार्च की आधी रात से सड़कें अवरूद्ध करने की चेतावनी दी थी।

सुक्खू ने सोमवार को कहा था कि राज्य सरकार ने कोई नया ‘टोल टैक्स’ नहीं लगाया है, बल्कि मौजूदा ‘टोल टैक्स’ में ही वृद्धि की है, जिसे जल्द ही तर्कसंगत बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस वृद्धि का कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘फास्टैग’ प्रणाली के साथ इसके एकीकरण को रेखांकित किया।

सुक्खू ने यह भी कहा कि फिलहाल हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी को आयुष्मान भारत या ‘हिमकेयर’ योजनाओं में शामिल नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार पहले रोबोटिक सर्जरी के बुनियादी ढांचे का विकास पूरा करेगी और इसके पूरी तरह से क्रियान्वित और अधिक किफायती हो जाने के बाद, इसे हिमकेयर जैसी योजनाओं में शामिल किया जाएगा, जिससे वंचित वर्ग के लोग भी रोबोटिक सर्जरी का लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार वर्तमान में हिमाचल स्वास्थ्य सेवा योजना (हिमकेयर) का आंतरिक ऑडिट कर रही है।

फिलहाल, विशेष वार्ड में इलाज कराने वाले मरीजों से रोबोटिक सर्जरी के लिए 1 लाख रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। अन्य मरीजों के लिए सरकार 70,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करती है, जिसका अर्थ है कि उनसे केवल 30,000 रुपये ही लिए जाते हैं।

विधायक राकेश जमवाल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरू में केवल दो रोबोटिक मशीनों की खरीद के लिए निविदा जारी की थी, लेकिन बाद में उसी निविदा के तहत दो और मशीन खरीदी गईं।

उन्होंने कहा कि इन रोबोटिक मशीन को 27-28 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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