हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारत का पहला सरकार समर्थित जैव चारकोल कार्यक्रम शुरू किया

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारत का पहला सरकार समर्थित जैव चारकोल कार्यक्रम शुरू किया

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारत का पहला सरकार समर्थित जैव चारकोल कार्यक्रम शुरू किया
Modified Date: August 27, 2025 / 04:52 pm IST
Published Date: August 27, 2025 4:52 pm IST

शिमला, 27 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को घोषणा की कि भारत का पहला सरकार समर्थित जैव चारकोल कार्यक्रम राज्य में शुरू होगा, जिसके तहत छह महीने में हमीरपुर जिले के नेरी में एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

इस संबंध में बुधवार को शिमला के ओक ओवर में मुख्यमंत्री सुक्खू की उपस्थिति में डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश वन विभाग और प्रोक्लाइम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

जैव चारकोल पायरोलिसिस तकनीक के जरिये बहुत कम समय में तैयार किया जाने वाला एक उत्पाद है, जिससे स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन आवश्यकता तत्काल पूरी होती है। बायोचार को स्वास्थ्य सेवा से लेकर कृषि और औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है।

इस अवसर पर सुक्खू ने कहा, ‘यह परियोजना जंगल की आग को कम करके पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में एक कदम है, साथ ही यह लोगों के आजीविका के अवसरों और जागरूकता को भी बढ़ाएगी।’

उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य बायोमास जैसे कि चीड़ के पेड़ों की पत्तियां, लैंटाना(एक प्रकार का फूलों वाला पौधा), बांस और अन्य वृक्ष-आधारित सामग्री का उपयोग करके जैव चारकोल का उत्पादन करना है।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


लेखक के बारे में