Govt Employee Dress Code: सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुआ नया ड्रेस कोड, अब ऐसे कपड़े पहनकर आना होगा दफ्तर, उल्लंघन करने पर होगी तगड़ी कार्रवाई

सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुआ नया ड्रेस कोड, अब ऐसे कपड़े पहनकर आना होगा दफ्तर, Himachal Pradesh Govt Employee Dress Code

Govt Employee Dress Code: सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुआ नया ड्रेस कोड, अब ऐसे कपड़े पहनकर आना होगा दफ्तर, उल्लंघन करने पर होगी तगड़ी कार्रवाई
Modified Date: March 18, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: March 18, 2026 5:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • दफ्तरों में अब सिर्फ फॉर्मल ड्रेस ही मान्य
  • कैजुअल कपड़ों पर पूरी तरह रोक
  • सोशल मीडिया पर निजी राय और बयानबाजी पर नियंत्रण

शिमला। Govt Employee Dress Code: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और पेशेवर माहौल को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों के पहनावे और सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग के नए आदेशों के बाद अब दफ्तरों में कैजुअल कपड़ों, जींस, टी-शर्ट पर रोक लग गई है। सरकार ने साफ किया है कि कर्मचारी अब केवल औपचारिक और शालीन वेशभूषा में ही कार्यालय आएं। पुरुषों के लिए शर्ट-पैंट या ट्राउजर, जबकि महिलाओं के लिए साड़ी, सूट या अन्य फॉर्मल ड्रेस तय की गई है। जींस, टी-शर्ट और पार्टी वियर को दफ्तर के लिए अनुपयुक्त माना गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम सरकारी कार्यालयों की गरिमा और प्रोफेशनल छवि बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। निर्देशों की अनदेखी करने पर इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी कड़ा रुख

Govt Employee Dress Code: सरकार ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भी सतर्क रहने को कहा है। आदेश के अनुसार, कर्मचारी किसी भी सार्वजनिक मंच पर सरकारी नीतियों पर निजी राय जाहिर नहीं करेंगे। साथ ही, राजनीतिक या धार्मिक टिप्पणियों से दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा बिना अनुमति सरकारी दस्तावेज, फाइल या संवेदनशील जानकारी साझा करने पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी गतिविधि से विभाग या शासन की छवि प्रभावित होने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

सभी विभागों को दिए गए निर्देश

कार्मिक विभाग ने यह आदेश सभी विभागों, बोर्ड और निगमों तक पहुंचाते हुए अधिकारियों को इसके सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। सरकार ने बताया कि ये निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत जारी किए गए हैं, जो सरकारी कर्मचारियों के आचरण और अभिव्यक्ति को नियंत्रित करते हैं।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।