हिमाचल के मंत्रियों के बीच आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के कामकाज को लेकर तीखी नोकझोंक

हिमाचल के मंत्रियों के बीच आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के कामकाज को लेकर तीखी नोकझोंक

हिमाचल के मंत्रियों के बीच आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के कामकाज को लेकर तीखी नोकझोंक
Modified Date: January 14, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: January 14, 2026 9:12 pm IST

शिमला, 14 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल सहयोगियों के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार से आए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के कामकाज को लेकर जुबानी जंग देखने को मिली। जहां कुछ मंत्रियों ने अधिकारियों की निष्ठा पर सवाल उठाए हैं, वहीं अन्य मंत्रियों ने उनके समर्थन में सामने आकर कहा है कि वे अच्छा काम कर रहे हैं।

इसी सिलसिले में, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बुधवार को अधिकारियों का बचाव किया और कहा कि अपनी गलतियों के लिए उन्हें दोष देना सही नहीं है।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “मंत्रियों को यह भी पता होना चाहिए कि अधिकारियों से काम कैसे कराया जाए।”

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अनिरुद्ध सिंह की यह टिप्पणी लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मंगलवार को दिए गए उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों द्वारा सरकारी फंड के गलत वितरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर हिमाचल प्रदेश की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने दावा किया कि वे विभिन्न सड़क और अन्य परियोजनाओं के लिए केंद्र द्वारा आवंटित धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।

विक्रमादित्य सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को कहा, “मैं इस व्यापक बयान से सहमत नहीं हूं क्योंकि राज्य के बाहर से आए कई अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं।” उन्होंने लोक निर्माण विभाग मंत्री से अनुरोध किया कि वे सामान्य बयान देने के बजाय अधिकारियों के नाम बताएं।

पिछले वर्ष दिसंबर में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ साजिश रचने वाले और रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं के घरों में जाने वाले अधिकारियों को अंधेरे की आड़ में “खत्म” कर दिया जाएगा। अग्निहोत्री ने ये टिप्पणी 11 दिसंबर को मंडी में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर आयोजित जन संकल्प रैली को संबोधित करते हुए की थी।

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत


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