हिंदी फिल्में एक सी कहानियों पर आधारित होती हैं: प्रियदर्शन

हिंदी फिल्में एक सी कहानियों पर आधारित होती हैं: प्रियदर्शन

हिंदी फिल्में एक सी कहानियों पर आधारित होती हैं: प्रियदर्शन
Modified Date: March 14, 2026 / 01:56 pm IST
Published Date: March 14, 2026 1:56 pm IST

(बेदिका)

नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) ‘भूल भुलैया’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी सफल फिल्मों सहित 45 मलयालम और 25 हिंदी फिल्मों का निर्देशन कर चुके प्रियदर्शन का कहना है कि बॉलीवुड में किसी एक फिल्म के सफल हो जाने पर निर्देशक एवं निर्माता उसी प्रकार की फिल्में बनाने लगते हैं।

प्रियदर्शन से साथ ही कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास कॉमेडी में अब कुछ नया करने को नहीं बचा है।

मलयालम और बॉलीवुड फिल्म उद्योग में काम करने वाले निर्देशक प्रियदर्शन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में इन दोनों उद्योगों के बीच मूलभूत अंतर पर बात की।

प्रियदर्शन ने कहा, ‘हिंदी सिनेमा की एक पुरानी आदत है जो वर्षों से बरकरार है…उन दिनों से लेकर, जब कहानियां भाइयों के बिछड़ने और सालों बाद फिर मिलने के इर्द-गिर्द घूमती थीं। अब भी हिंदी फिल्मों में यदि कोई फिल्म सफल हो जाती है तो हर निर्माता उसी तरह की फिल्में बनाने की कोशिश करता है। दर्शकों के उनसे ऊब जाने पर कोई नयी कहानी लेकर आता है। इसके बाद फिर सभी उसी तरह की फिल्मों के पीछे भाग पड़ते हैं।’

उन्होंने कहा कि लेखकों एवं निर्देशकों को निर्माताओं और अभिनेताओं सहित कई लोगों के विचारों को सुनना पड़ता हैं जिससे वे वह बनाने के लिए मजबूर हो जाते हैं जो दूसरे चाहते हैं।

उन्होंने मलयालम सिनेमा की मुख्य समस्या बताते हुए कहा, “मलयालम फिल्मों में फिल्म निर्माताओं के पास बजट बहुत कम होता है। पैसा नहीं होने के कारण हम फिल्म की कहानी पर भरोसा करते हैं।”

हिंदी में ‘हलचल’, ‘खट्टा मीठा’ और ‘चुप चुप के’ जैसी यादगार कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले निर्देशक की एक और हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ रिलीज होने वाली है।

निर्माताओं के दखल से निपटने संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा अपनी बात पर अड़ा रहता हूं और कहता हूं कि मैं इसे इसी तरह करना चाहता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘‘अभिनेताओं को मुझसे कोई दिक्कत नहीं होती। मैंने सबके साथ काम किया है और मैं बहुत सहज रहता हूं।’’

‘भूत बंगला’ में अक्षय कुमार, तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव और दिवंगत असरानी शामिल हैं।

सिनेमाघरों में 10 अप्रैल को प्रदर्शित होने वाली इस फिल्म का निर्माण एकता कपूर की ‘बालाजी मोशन पिक्चर्स’ और अक्षय कुमार की ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ ने किया है।

यह फिल्म प्रियदर्शन की 2021 में आई ‘हंगामा 2’ के बाद पहली हिंदी फिल्म है। उन्होंने कई तमिल फिल्मों का भी निर्देशन किया है।

प्रियदर्शन पिछले तीन दशकों में हिंदी सिनेमा के सबसे सफल हास्य निर्देशकों में से एक रहे हैं। उनका मानना है कि ‘कॉमेडी’ सबसे चुनौतीपूर्ण शैली है।

उन्होंने कहा, “किसी को रुलाना या दुखी करना तो आसान है लेकिन किसी को दिल से हंसाना सबसे मुश्किल काम है।”

प्रियदर्शन ने बताया, “मैं दोहरे अर्थ वाली कॉमेडी में विश्वास नहीं करता। ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिन्हें परिवार बिना झिझक के एक साथ बैठकर देख सके इसलिए मैं ज्यादातर ऐसी ही फिल्में बनाता हूं। कॉमेडी फिल्में बनाना और नयी परिस्थितियां गढ़ना सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। मुझे लगता है कि मैं लगभग थक चुका हूं क्योंकि अब कुछ नया बचा ही नहीं है।”

भाषा

प्रचेता सिम्मी

सिम्मी


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