आइजोल, 28 जनवरी (भाषा) हिंदी भाषा में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से मिजोरम सरकार राज्य के सभी स्कूलों में ‘हिंदी भाषी दिन’ शुरू करेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने यहां मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की निगरानी में सभी स्कूलों में हर माह एक दिन ‘हिंदी बोलने के दिवस’ के तौर पर मनाया जाएगा। इस दिन छात्रों और शिक्षकों को आपस में हिंदी में बोलने या संवाद करने के लिए कहा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खासकर छात्रों के बीच, हिंदी में दक्षता बढ़ाना है।
पहाड़ी राज्य मिजोरम में मिजो जनजातीय लोगों की बहुलता है और हिंदी बहुत कम बोली जाती है क्योंकि यहां हिंदी भाषी लोगों की संख्या बेहद कम है। मिजोरम में मिजो और अंग्रेजी आधिकारिक भाषाएं हैं।
वनलालथलाना ने कहा कि मिजो लोगों को देश के अन्य हिस्सों में भाषा संबंधी बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे धाराप्रवाह हिंदी नहीं बोल पाते।
उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में नौकरी की तलाश करने वाले छात्रों के लिए हिंदी में दक्षता की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हिंदी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपने छात्रों को धाराप्रवाह हिंदी बोलने में सक्षम बना सकें, जबकि हिंदी न बोल पाने वाले छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हिंदी के महत्व को देखते हुए सरकार सभी स्कूलों के लिए हिंदी बोलने के दिन को अधिसूचित करेगी। महीने में एक बार स्कूल के अवकाश के दौरान बातचीत में हिंदी का उपयोग किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि बोलचाल की हिंदी से जुड़ी किताबें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार की जाएंगी।
भाषा मनीषा वैभव
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