आरोपपत्र में गलती से किसी का नाम कैसे शामिल हो सकता है: केजरीवाल

आरोपपत्र में गलती से किसी का नाम कैसे शामिल हो सकता है: केजरीवाल

आरोपपत्र में गलती से किसी का नाम कैसे शामिल हो सकता है: केजरीवाल
Modified Date: May 3, 2023 / 05:19 pm IST
Published Date: May 3, 2023 5:19 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दावा किया कि ”देश की सबसे ईमानदार पार्टी” को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने, आश्चर्यचकित होकर कहा कि आरोपपत्र में किसी का नाम गलती से कैसे शामिल हो सकता है।

केजरीवाल की यह टिप्पणी, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव को लिखे गए पत्र के बाद आई है। पत्र में सिंह ने, दिल्ली आबकारी नीति मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और सहायक निदेशक जोगेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी की मांग की है।

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी की आरोपपत्र में आप नेता संजय सिंह का नाम चार बार आया है, जिसमें से एक संदर्भ गलत है और अनजाने में टाइप किया गया था।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने 20 अप्रैल को विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष एक याचिका दायर की जिसमें ‘टाइपोग्राफिकल/लिपिकीय’ त्रुटि का पता चलने के बाद अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोपपत्र) में विसंगति को दूर करने के लिए कहा गया।

ईडी के एक वकील ने 29 अप्रैल को सिंह के वकील को लिखा कि आरोपपत्र में ‘राहुल सिंह की जगह संजय सिंह का उल्लेख अनजाने में केवल एक संदर्भ में किया गया था’।

ईडी के वकील ने कहा, ‘सुधार के लिए आवेदन वर्तमान नोटिस (22 अप्रैल को ईडी को संजय सिंह का नोटिस) की तारीख से बहुत पहले का है, जो एजेंसी की उदारता को प्रदर्शित करता है।’

केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, ‘क्या किसी का नाम आरोपपत्र में गलती से भी डाला जाता है? इस से साफ है कि पूरा केस फर्जी है। केवल गंदी राजनीति के तहत देश की सबसे ईमानदार पार्टी को बदनाम करने और सबसे तेजी से बढ़ने वाली पार्टी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री जी ऐसा कर रहे हैं। उन्हें ये शोभा नहीं देता।

आप, ने यह भी दावा किया कि ईडी के आरोप पत्र में सिंह के नाम का उल्लेख केजरीवाल सहित पार्टी और उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए ‘जानबूझकर किया गया प्रयास’ था।

भाषा साजन माधव

माधव


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