सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश के मामले में बंगाल पुलिस के समक्ष पेश हुए हुमायूं कबीर

सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश के मामले में बंगाल पुलिस के समक्ष पेश हुए हुमायूं कबीर

सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश के मामले में बंगाल पुलिस के समक्ष पेश हुए हुमायूं कबीर
Modified Date: September 21, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: September 21, 2026 4:30 pm IST

कोलकाता, 21 सितंबर (भाषा) आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश से जुड़े एक मामले के सिलसिले में सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष पेश हुए।

कबीर तय समय सुबह 11 बजे से पहले ही बहरामपुर पुलिस थाना पहुंच गए और कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

नवादा से विधायक कबीर ने यह आशंका भी जताई कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

यह घटनाक्रम छह अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले सामने आया है। कबीर द्वारा नवादा सीट को अपने पास रखने का फैसला करने और रेजीनगर सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

एजेयूपी ने इस उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।

कबीर ने कहा, ‘तीन पुलिस अधिकारियों ने पहले मेरे ससुर को एक झूठे मामले में फंसाया था। बाद में उन्हें अदालत में आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब उन्होंने मुझे समन भेजा है।’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा हाल ही में बहरामपुर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी करने के बाद 14 सितंबर को यह मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि इस बातचीत से दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की संभावित साजिश का संकेत मिलता है।

पुलिस के अनुसार, यह बातचीत हाल ही में रिकॉर्ड की गई थी, जब रेजीनगर उपचुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी थी। जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस रिकॉर्डिंग में किसी आपराधिक साजिश के सबूत मौजूद हैं।

इस बीच, एजेयूपी प्रमुख ने उपचुनाव से पहले अपनी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

कबीर ने कहा, ‘पुलिस प्रशासन मेरी पार्टी के लोगों को धड़ाधड़ गिरफ्तार कर रहा है। अगर वे चाहें तो मुझे भी गिरफ्तार कर सकते हैं।’

आयोग को दी गई कबीर की शिकायत के अनुसार, बहरामपुर पुलिस जिले के अधीक्षक ने ‘अपनी तटस्थता खो दी है’। उन्होंने आरोप लगाया कि वे ‘चुनाव को सीधे तौर पर प्रभावित करने’ की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन गिरफ्तारियों का मकसद ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के चुनाव प्रचार में बाधा डालना था।

भाषा सुमित वैभव

वैभव


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