मैं किसी भी वर्ग के वोट को अस्वीकार नहीं कर सकता: एलडीएफ नेता शिवनकुट्टी

मैं किसी भी वर्ग के वोट को अस्वीकार नहीं कर सकता: एलडीएफ नेता शिवनकुट्टी

मैं किसी भी वर्ग के वोट को अस्वीकार नहीं कर सकता: एलडीएफ नेता शिवनकुट्टी
Modified Date: March 30, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: March 30, 2026 3:40 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 30 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और नेमोम सीट से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उम्मीदवार वी. शिवनकुट्टी ने सोमवार को कहा कि वे समाज के किसी भी वर्ग के वोटों को अस्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करना असंवैधानिक होगा।

यह बयान नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में माकपा और एसडीपीआई के बीच समझौता होने के यूडीएफ के आरोपों के बीच आया है।

शिवनकुट्टी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा था कि वे विशेष रूप से सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के वोट स्वीकार करेंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी उम्मीदवार किसी भी समूह के समर्थन को अस्वीकार नहीं कर सकता।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में पूछा, “संविधान सभी को मतदान का अधिकार देता है। एक उम्मीदवार के रूप में, मैं केवल लोगों से मुझे वोट देने का अनुरोध कर सकता हूं। मैं यह घोषणा नहीं कर सकता कि मैं किसी विशेष समूह का वोट स्वीकार नहीं करूंगा। क्या देश में कहीं भी ऐसा कोई चलन है?’’

चुनाव में जीत को अपना लक्ष्य बताते हुए माकपा नेता ने कहा कि जो भी उनके राजनीतिक रुख को मानता और उसका समर्थन करता है, वह उन्हें वोट देने के लिए स्वतंत्र है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कहना असंवैधानिक है कि हम किसी विशेष वर्ग का वोट नहीं चाहते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ना तो उनका व्यक्तिगत रुख और ना ही उनकी पार्टी का रुख बदलेगा।

एसडीपीआई के साथ किसी समझौते के आरोपों को खारिज करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा कि उन्हें ऐसे दावों से डर नहीं लगता और आरोप लगाया कि अतीत में नेमोम निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच समझौते हुए थे।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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