मैंने किसी भी समुदाय के नेताओं की आलोचना नहीं की, केवल सांप्रदायिक बयानों का विरोध किया: सतीशन
मैंने किसी भी समुदाय के नेताओं की आलोचना नहीं की, केवल सांप्रदायिक बयानों का विरोध किया: सतीशन
कोच्चि, 18 जनवरी (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने रविवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी समुदाय के नेता के खिलाफ कुछ नहीं कहा, बल्कि केवल सांप्रदायिक बयानों का विरोध किया है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि सांप्रदायिकता का विरोध करने का मतलब समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत से इनकार करना नहीं है।
सतीशन ने यह स्पष्टीकरण तब दिया, जब नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम (एसएनडीपी) के महासचिव जी. सुकुमारन नायर और वेल्लापल्ली नटेसन ने उनकी कड़ी आलोचना की।
इससे पहले, नटेसन ने अलाप्पुझा में संवाददाता सम्मेलन के दौरान आरोप लगाया कि सतीशन ‘अप्रासंगिक’ हो चुके हैं।
कांग्रेस नेता की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए, नटेसन ने सतीशन पर उन्हें सांप्रदायिक करार देने का भी आरोप लगाया।
इसी तरह, नायर ने कोट्टायम में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि सतीशन को कांग्रेस के भीतर खुली छूट दी जा रही है और सभी मामलों पर बोलने के उनके अधिकार पर सवाल उठाते हुए आगाह किया कि ‘इस तरह की बयानबाजी से पार्टी को चुनावों में नुकसान हो सकता है।’
सतीशन ने नायर और नटेसन दोनों की आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह किसी भी समुदाय के नेता से नहीं मिलेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह केवल यही चाहते थे कि सांप्रदायिक बयानबाजी न हो।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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