पश्चिम बंगाल सरकार से मेरे बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं: राज्यपाल बोस

पश्चिम बंगाल सरकार से मेरे बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं: राज्यपाल बोस

पश्चिम बंगाल सरकार से मेरे बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं: राज्यपाल बोस
Modified Date: June 17, 2023 / 05:50 pm IST
Published Date: June 17, 2023 5:50 pm IST

(सुदिप्तो चौधरी)

कोलकाता, 17 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने शनिवार को कहा कि सहमति और असहमति के बावजूद उसके ममता बनर्जी सरकार के साथ ‘उत्कृष्ट कामकाजी संबंध’ हैं।

बोस ने कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर उनके और राज्य सरकार के बीच चर्चा होती रही है, लेकिन हर बार वे एक-दूसरे का सम्मान करत हैं।

‘पीटीई-भाषा’ को दिये गये साक्षात्कार में बोस ने कहा कि प्राथमिक लक्ष्य पश्चिम बंगाल के लोगों का कल्याण है और उन्हें राज्य सरकार की ओर से कभी बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।

बोस ने कहा, ‘‘राज्य सरकार के साथ मेरे बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं। यहां सहमति और असहमति हो सकती है। हितों और प्राथमिकताओं में भिन्नता हो सकती है। यह वही चीज है जो सरकार को आगे बढ़ाती रहती है। हम संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करते हैं, लेकिन हमेशा ‘लक्ष्मण रेखा’ का पालन करते हैं और कभी इसे दोबारा खींचन की कोशिश नहीं करते।’’

राज्यपाल ने बनर्जी को अपना संवैधानिक सहयोगी करार दिया और कहा कि दोनों को जनता की भलाई के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम संवैधानिक सहयोगी हैं और एक दूसरे का आकलन करने के खेल में नहीं शामिल हैं। हमें सुशासन देना है। इसके लिए मैं प्रयास कर रहा हूं और मैंने अब तक किसी बाधा का सामना नहीं किया है।’’

आगामी आठ जुलाई के पंचायत चुनाव पर बोस ने कहा, ‘‘ केवल इसलिए लोगों को अपने लोकतांत्रिक मताधिकार का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए कि यहां कानून तोड़ने वाले कुछ लोग हैं। कानून तोड़ने वालों को कानून के कठघरे में खड़ा करना होगा। हिंसा के खिलाफ समय पर कार्रवाई करने की जरूरत है।’’

तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप पर कि वह भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं, बोस ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का राज्यपाल का आलोचक होना लोकतंत्र में कोई नई बात नहीं है।

बोस ने कहा, ‘‘राजनीतिक दल को किसी भी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचने का अधिकार है। वे किसी भी तरह से राज्यपाल का आकलन कर सकते हैं। यह एक बहुलतावादी समाज है जहां नाना प्रकार के मत विकसित हो सकते हैं। मैं आलोचना का स्वागत करता हूं और आलोचक सबसे अच्छे शिक्षक होते हैं।’’

केरल कैडर के 1977 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने पिछले साल नवंबर में बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किये जाने के बाद से बंगाल को अपना दूसरा घर बताया है।

बंगाल के 22वें राज्यपाल बोस ने कहा कि उनका आकलन राज्य सरकार के निष्पादन के उनके निरीक्षण पर निर्भर करता है।

बोस ने कहा, ‘‘जब कभी बीच में सुधार की जरूरत होती है तो मैं सुझाव देने के लिए स्वतंत्र हूं और मुझे प्रशासन की तरफ से एक प्रतिक्रिया मिलती है। राज्यपाल होने के नाते मैं एक प्राधिकरण के रूप में परामर्श किए जाने, सूचित किए जाने और हस्तक्षेप करने के अपने कर्तव्य का पालन करता हूं।’’

बोस ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यह है कि लोग उन तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वह बंगाल की जनता के आरोग्य और कल्याण के लिए काम करेंगे।

भाषा संतोष माधव

माधव


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