आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’ : अधीर रंजन

आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’ : अधीर रंजन

आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’ : अधीर रंजन
Modified Date: January 8, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: January 8, 2026 5:22 pm IST

कोलकाता, आठ जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’ की तरह काम करती है और राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियां बनाने में लगी हुई है।

चौधरी ने बृहस्पतिवार को आई-पैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर कहा, ‘‘आई-पैक एक कॉर्पोरेट कंपनी है। ममता बनर्जी की पार्टी के लिए इसका क्या काम है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘आई-पैक तृणमूल की आंख और कान की तरह काम करती है। वे तृणमूल की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर तरह की रणनीति बनाने में लगे हुए हैं, और इसके लिए वे पैसे के बदले कुछ भी कर सकते हैं।’’

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चौधरी ने केंद्रीय एजेंसियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीते वर्षों में हम पर हर तरह के संवेदनशील दस्तावेज के आधार पर आरोप लगाए जाते रहे हैं। ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का हमारे देश की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, यहां तक ​​कि हमारे पार्टी नेताओं, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ झूठे आरोप और झूठे अभियोग लगाने के लिए भी।’’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर धन शोधन की जांच के तहत छापेमारी की कार्रवाई की।

उन्होंने बताया कि जैन इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के सह-संस्थापक हैं। वे पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं।

ईडी की छापेमारी के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनावी रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है।

चौधरी ने कहा कि इन घटनाओं से राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का पता चलता है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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