आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’, ममता का प्रदर्शन चुनिंदा : अधीर रंजन
आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’, ममता का प्रदर्शन चुनिंदा : अधीर रंजन
कोलकाता, आठ जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कॉरपोरेट कंपनी आई-पैक पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ‘आंख और कान’ के रूप में काम करती है और राज्य में पार्टी की चुनावी सफलता सुनिश्चित करने के लिए ‘राजनीतिक रूप से अनैतिक और षड्यंत्रकारी’ गतिविधियों में संलिप्त है।
चौधरी ने कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन के मामले में आई-पैक के कार्यालय और कंपनी के निदेशक प्रतीक जैन के आवास सहित कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एजेंसी द्वारा कंपनी के परिसरों पर की गई छापेमारी के बाद इतनी आक्रमक और बेचैन क्यों हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कंपनी ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए धन उगाही के साधन के रूप में काम किया और पार्टी को चुनाव जीतने के लिए ‘साजिशपूर्ण’ तरीके से तैयार करने में मदद की।
चौधरी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘आई-पैक तृणमूल की आंख और कान का काम करती है। यह कंपनी खुद चुनाव नहीं लड़ती, लेकिन तृणमूल के आंतरिक कामकाज को नियंत्रित करती है, यह तय करती है कि कौन किस पद पर बैठेगा, कौन नेता बनेगा और यहां तक कि आंतरिक मतदान को भी प्रभावित करती है। ये लोग पूरी प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होते हैं। यही आई-पैक की सच्चाई है।’’
चौधरी ने एक अलग बयान में आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए जैन की सलाह पर ही तृणमूल गुजरात से मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद के लिए एक प्रसिद्ध क्रिकेटर को लाई थी।
चौधरी ने दावा किया कि उनकी हार तृणमूल उम्मीदवार की धार्मिक पहचान के कारण हुई। उनका इशारा तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की ओर था, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर उनका नाम नहीं लिया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आई-पैक की सलाह पर ही ‘‘तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद में दंगे भड़काने, हिंदुओं को आतंकित करने और हिंदू वोटों को भाजपा के पाले में डालने की साजिश रचने के लिए एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया था’’।
कांग्रेस नेता ने ममता बनर्जी पर उनका नाम लिये बिना निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मैं दीदी (ममता बनर्जी) से पूछना चाहता हूं कि आप ईडी की कार्रवाई से इतनी परेशान क्यों हैं? इस एजेंसी ने कांग्रेस सहित देश के कई दलों पर हमले किए हैं। इसने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का अपमान किया है। तब आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। आप चुनिंदा प्रतिक्रिया देती हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब सीबीआई सारदा चिट फंड मामले में आपके राज्य के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी राजीव कुमार से पूछताछ करने गई थी, तब आपने एस्प्लेनेड में रात भर धरना दिया था। लेकिन जब राज्य में महिलाओं पर हमले होते हैं, जैसे कि कर मेडिकल कॉलेज में या कस्बा के लॉ कॉलेज में होता है… तब आप उनके खिलाफ आवाज नहीं उठातीं।’’
चौधरी ने दावा किया कि बनर्जी का ‘‘चुनिंदा आक्रोश’’ उनकी पार्टी के निहित स्वार्थों की रक्षा के उद्देश्य से है, जिन्हें उक्त कंपनी ‘देखती’ है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता रह चुके चौधरी ने कहा, ‘‘तो क्या ईडी के खिलाफ यह प्रतिक्रिया एजेंसी की गलत कार्रवाइयों के खिलाफ निर्देशित थी, या उन लोगों को बचाने के लिए थी जिन्होंने विभिन्न कृत्यों के माध्यम से चुनावों में आपकी मदद की? क्योंकि, आई-पैक चुनाव जीतने के लिए हर हद तक गिर सकती है। यह उन बूथों की पहचान करने के लिए जोड़तोड़ करती है जिन पर कब्जा करना जरूरी है और कांग्रेस को उसके मजबूत गढ़ में हराने के लिए साजिश वाली सलाह देती है।’’
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर धन शोधन की जांच के तहत छापेमारी की कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि जैन इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के सह-संस्थापक हैं। वह पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं।
भाषा धीरज वैभव
वैभव

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