आईसीजी ने समुद्री क्षमता बढ़ाने के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित ‘हॉवरक्राफ्ट’ को बेड़े में शामिल किया

आईसीजी ने समुद्री क्षमता बढ़ाने के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित ‘हॉवरक्राफ्ट’ को बेड़े में शामिल किया

आईसीजी ने समुद्री क्षमता बढ़ाने के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित ‘हॉवरक्राफ्ट’ को बेड़े में शामिल किया
Modified Date: June 18, 2026 / 07:34 pm IST
Published Date: June 18, 2026 7:34 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे छह ‘हॉवरक्राफ्ट’ में से पहले हॉवरक्राफ्ट को बृहस्पतिवार को सेवा में शामिल कर लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि इससे आईसीजी की समुद्री क्षमता बढ़ेगी और वह नयी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगा।

हॉवरक्राफ्ट एक ऐसा वाहन होता है जो जमीन, पानी, कीचड़, बर्फ या दलदली इलाके की सतह से थोड़ा ऊपर हवा से भरे कुशन (एयर कुशन) पर तैरते हुए चलता है।

अधिकारियों ने बताया कि यह एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है जो देश के समुद्री उद्योग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

आईसीजी ने कहा कि तटरक्षक बल की क्षमता मजबूत करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत गोवा में स्थित चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित पहले एसीवी एच-561 को 18 जून को सेवा में शामिल किया गया।

आईसीजी ने कहा, “इस हॉवरक्राफ्ट को इसलिए बनाया गया है ताकि तटरक्षक बल समुद्र में अपनी जिम्मेदारियां और बेहतर तरीके से निभा सके और नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके। इसे बेड़े में शामिल किए जाने से ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी और यह देश के समुद्री उद्योग की बढ़ती क्षमता को भी दिखाता है।”

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


लेखक के बारे में