अगर पार्टी भांगर सीट हार जाती है तो वहां कल्याणकारी योजनाएं बंद की जा सकती हैं: तृणमूल विधायक

अगर पार्टी भांगर सीट हार जाती है तो वहां कल्याणकारी योजनाएं बंद की जा सकती हैं: तृणमूल विधायक

अगर पार्टी भांगर सीट हार जाती है तो वहां कल्याणकारी योजनाएं बंद की जा सकती हैं: तृणमूल विधायक
Modified Date: February 8, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: February 8, 2026 10:24 pm IST

कोलकाता, आठ फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला की इस टिप्पणी को लेकर रविवार को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया कि अगर राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव जीतने में विफल रहती है, तो वहां महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ‘लक्ष्मी भंडार’ सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया जा सकता है।

भांगर क्षेत्र के प्रांगण में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोल्ला ने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस यह विधानसभा सीट जीतने में विफल रहती है, तो क्षेत्र में सरकारी योजनाओं को कैसे लागू किया जा पाएगा।

उन्होंने कहा, “अगर तृणमूल कांग्रेस यह सीट नहीं जीतती है और विपक्ष इसे बरकरार रखता है तो क्या होगा? विपक्ष के असहयोग के कारण हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाएगा।”

भांगर राज्य की एकमात्र विधानसभा सीट है, जिस पर किसी ऐसी पार्टी का कब्जा है, जो तृणमूल कांग्रेस या भाजपा में से किसी भी गठबंधन में नहीं है। इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नौशाद सिद्दीकी ने 2021 के चुनावों में यह सीट जीती थी।

मोल्ला की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत दी जानी वाली राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और यह चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया है।

मोल्ला ने दावा किया कि भांगर के तीन इलाकों – चालताबेरिया, शानपुकुर और पोलरहाट-1 – में, जहां आईएसएफ को तृणमूल पर बढ़त हासिल थी, सरकारी आवास योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का उचित उपयोग नहीं किया गया था, जिससे परियोजनाओं का क्रियान्वयन रुक गया था।

मोल्ला की टिप्पणी पर विपक्षी दलों से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जबकि तृणमूल ने इससे किनारा कर लिया।

तृणमूल प्रवक्ता तनमय घोष ने कहा कि मोल्ला की टिप्पणियां पार्टी के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा, “यह पार्टी का रुख नहीं है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर यह बात कही है। तृणमूल कांग्रेस ने अलीपुरद्वार और पूर्वी मेदिनीपुर जैसे स्थानों पर भी सीटें गंवाई हैं, लेकिन वहां सरकारी कल्याणकारी योजनाएं जारी हैं। पार्टी नेतृत्व निश्चित रूप से उनसे बात करेगा।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सजल घोष ने मोल्ला की टिप्पणियों को लेकर तृणमूल नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “शौकत मोल्ला ने तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा उजागर कर दिया है, जो यह सोचती है कि जो लोग उसे वोट नहीं देंगे, वे कल्याणकारी परियोजनाओं के हकदार नहीं होंगे। यह अलोकतांत्रिक और निरंकुशता है।”

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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