एक रिचार्ज भूलने पर मोबाइल नंबर डिएक्टिवेट न हो और इनकमिंग कॉल की सुविधा मिलती रहे: राघव चड्ढा
एक रिचार्ज भूलने पर मोबाइल नंबर डिएक्टिवेट न हो और इनकमिंग कॉल की सुविधा मिलती रहे: राघव चड्ढा
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) मोबाइल फोन के प्री-पेड प्लान की रिचार्ज अवधि समाप्त होने पर आउटगोइंग कॉल सुविधा के साथ इनकमिंग कॉल सुविधा भी बंद होने पर चिंता जाहिर करते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि एक रिचार्ज भूलने पर मोबाइल नंबर डिएक्टिवेट नहीं होना चाहिए और इनकमिंग कॉल की सुविधा की गारंटी होनी चाहिए।
शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि देश में मोबाइल फोन के 125 करोड़ उपयोगकर्ता हैं जिनमें से 90 फीसदी लोग ‘प्री पेड प्लान’ के उपयोगकर्ता हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इस प्लान की ‘रिचार्ज वैलिडिटी’ समाप्त हो जाती है तो आउटगोइंग कॉल सुविधा बंद हो जाती है लेकिन इनकमिंग कॉल सुविधा भी बंद हो जाती है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
चड्ढा ने कहा, ‘‘आज हमारा मोबाइल फोन हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है और कई महत्वपूर्ण कार्य इनकमिंग कॉल के जरिये होते हैं।’’
चड्ढा ने कहा ‘‘वोट डालना भूलने पर वोटर आईडी कार्ड एक्सपायर नहीं हो जाता। मासिक राशि जमा नहीं करने पर बैंक खाता नहीं बंद होता। डिटेल अपडेट नहीं करने पर आधार कार्ड बंद नहीं होता। इसी तरह एक रिचार्ज भूलने पर मोबाइल नंबर डिएक्टिवेट नहीं होना चाहिए। इनकमिंग कॉल सुविधा की गारंटी होनी चाहिए।’’
कांग्रेस के नीरज डांगी ने शून्यकाल में कहा कि किसी जिले में अति विशिष्ट व्यक्ति की सभा होने पर महीनों से प्रशासन तैयारी करता है और एक दिन के कार्यक्रम के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।
उन्होंने कहा ‘‘देश में हर साल सैकड़ों वीवीआईपी सभाएं होती हैं और कई बार तो एक ही स्थान पर एक के बाद एक कार्यक्रम होते हैं। इसे देखते हुए एक ही स्थान पर स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे न केवल सरकारी धन की बचत होगी बल्कि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और असुविधा भी नहीं होगी।’’
कांग्रेस के ही शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि दुनिया के 196 देशों में हमारे देश के लोग पढ़ने या काम करने या अन्य वजहों से जाते हैं लेकिन कई बार परेशानियों में उलझ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले रूस में भारतीय छात्रों पर छुरे से हमला हुआ और चार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
गोहिल ने दावा किया कि 2025 में विदेशों में 350 छात्रों पर कोई न कोई समस्या आई है और इनमें से 200 शिकायतें केवल रूस से आई हैं। शिक्षा का इस हद तक निजीकरण कर दिया गया है कि छात्र किफायती और अच्छी शिक्षा के लिए बाहर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है और दूसरे देश अपने लोगों के लिए संकटकालीन व्यवस्था करते हैं लेकिन हमने ऐसा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से भारतीयों को लाने में हालात का लाभ उठाते हुए एयरलाइन मनमाना किराया ले रही हैं।
भाजपा के डॉ दिनेश शर्मा ने अभिभावक का निधन होने पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में यह व्यवस्था है लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं है।
समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने मांग की कि स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में संविधान का अध्ययन अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो, अगर उसे लागू करने वाले सही नहीं हुए तो वह अपनी दिशा खो सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सरकार में बैठे लोग शपथ संविधान की लेते हैं लेकिन वे हमारे देश की गंगा जमुनी संस्कृति को भूल जाते हैं।’’
आम आदमी पार्टी के संदीप कुमार पाठक ने आदिवासी बहुल इलाकों में भू अधिग्रहण का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा ‘‘ऐसा नहीं है कि आदिवासियों के लिए कानून नहीं हैं। लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जाता। उद्योगों के नाम पर उनकी जमीन ली जाती है और रोजगार देने का वादा किया जाता है। लेकिन यह सोचना चाहिए कि क्या वे लोग इतने पढ़े लिखे हैं कि वे ‘व्हाइट कॉलर’ वाली नौकरी कर सकें।’’
भाजपा के तेजवीर सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की।
कांग्रेस की जे बी माथेर हीशम ने मांग की कि अंग दान को लेकर जागरुकता फैलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केरल में हाल में एक नन्हीं बच्ची के अभिभावक ने उसके निधन के बाद उसके अंगदान किए।
शून्यकाल में ही तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, अन्नाद्रमुक के डॉ एम थंबीदुरै, भाजपा के लक्ष्मीकांत बाजपेयी, हर्ष महाजन, डॉ अनिल सुखदेव राव बोंडे, सीमा द्विवेदी, कणाद पुरकायस्थ, बीजद के सुभाशीष खुंटिया और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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