आआईटी दिल्ली ने कीमोथेरेपी दवा संबंधी विशिष्ट अणु का सुगम संश्लेषण किया

आआईटी दिल्ली ने कीमोथेरेपी दवा संबंधी विशिष्ट अणु का सुगम संश्लेषण किया

आआईटी दिल्ली ने कीमोथेरेपी दवा संबंधी विशिष्ट अणु का सुगम संश्लेषण किया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:45 pm IST
Published Date: July 5, 2022 4:50 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के अनुसंधानकर्ताओं ने कीमोथेरेपी दवाओं से संबंधित विशिष्ट अणु ‘पॉलीएरिलक्विनोन’ के आसान संश्लेषण के लिए एक नया तरीका खोजा है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पॉलीएरिलक्विनोन एक ऐसा अणु है जिसका उपयोग विभिन्न उद्योगों जैसे कि औषध, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और बायो-इमेजिंग में किया जाता है।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि हालांकि, इसका संश्लेषण प्राय: चुनौतीपूर्ण होता है और इस काम में विभिन्न तरह की बाधाएं होती हैं।

रसायन विज्ञान विभाग, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर एवं प्रमुख अनुसंधानकर्ता रवि पी सिंह ने कहा, ‘‘एरिलक्विनोन आधारित कीमोथेरैपी दवाएं बाजार में पहले से मौजूद हैं, लेकिन हमारा अणु पूर्व में खोजे गए एरिक्विनोन डोक्सोरुबिसिन दवा की तुलना में बेहतर रूप से कोशिका को स्वस्थ बनाने में आशाजनक परिणाम देता है। इसलिए समय की मांग है कि ऐसी तकनीक विकसित की जाए जो सक्रिय औषधि के आयात पर देश की लागत और श्रमशक्ति तथा निर्भरता को कम करे, इससे उद्योगों के लिए रास्ते खुलेंगे और अंततः लाभ समाज को मिलेगा।’’

प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘एसीएस कैटलिसिस’ में प्रकाशित अध्ययन में यह भी कहा गया है कि पॉलीएरिलक्विनोन का उपयोग कीमोथेरेपी और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स में एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में किया जा सकता है।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश


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