आईआईटी पलक्कड़ ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई शैक्षणिक, अनुसंधान संबंधी पहल शुरू कीं

आईआईटी पलक्कड़ ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई शैक्षणिक, अनुसंधान संबंधी पहल शुरू कीं

आईआईटी पलक्कड़ ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई शैक्षणिक, अनुसंधान संबंधी पहल शुरू कीं
Modified Date: April 17, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: April 17, 2026 4:22 pm IST

पलक्कड़, 17 अप्रैल (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पलक्कड़ ने अपने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधी पहल की शुरुआत की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ऊर्जा, वांतरिक्ष, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में उन्नत सामग्रियों में विशेषज्ञता की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘विभाग से उम्मीद की जाती है कि यह अंतरविषयक सहयोग को बढ़ावा देते हुए विशिष्ट अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस विस्तार के अंतर्गत संस्थान शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से पदार्थ अभियांत्रिकी में बीटेक कार्यक्रम शुरू करेगा, जिसमें 30 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।’’

अधिकारियों ने कहा कि पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) के सहयोग से विकसित किया गया अत्याधुनिक कंप्यूटिंग केंद्र, माधवा सुपरकंप्यूटिंग केंद्र संस्थान के अनुसंधान अवसंरचना को और मजबूत करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, ‘‘पदार्थ डिजाइन, दवा खोज, जलवायु मॉडलिंग और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में उन्नत कंप्यूटर आधारित अनुसंधान का समर्थन करने के लिए डिजाइन किया गया यह केंद्र शोधकर्ताओं को विभिन्न विषयों में बड़े पैमाने पर ‘सिमुलेशन’ (प्रयोग) और डेटा-गहन अध्ययन करने में सक्षम बनाएगा।’’

उन्होंने कहा कि संकाय सदस्यों, अनुसंधानकर्ताओं और छात्रों के लिए एक साझा मंच के रूप में परिकल्पित इस केंद्र के जरिये संस्थान में अंतरविषयक अनुसंधान क्षमताओं के महत्वपूर्ण रूप से बढ़ने की उम्मीद है।

भाषा सुरभि पारुल

पारुल


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