आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू में प्रौद्योगिकी अपनाने, जलवायु लचीलापन और जल प्रबंधन पर चर्चा
आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू में प्रौद्योगिकी अपनाने, जलवायु लचीलापन और जल प्रबंधन पर चर्चा
नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) बुधवार को यहां आयोजित नौवें भारतीय अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू) में प्रौद्योगिकी को अपनाने, जल के समान वितरण, संस्थागत सुधारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर प्रमुखता से चर्चा हुई।
पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन मंगलवार को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया।
सत्रों में प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों, जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं, प्रभावी शासन ढांचों और बहु-हितधारक साझेदारियों के माध्यम से जल सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
‘जल सुरक्षा में प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों को साझा करना: भारत में सतत जल प्रबंधन के लिए जर्मन और यूरोपीय संघ के समाधान’ पर एक सत्र में देश में जल सुरक्षा और सतत जल प्रबंधन को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
जल आवंटन पर चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों के बीच जल तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जबकि एक अन्य सत्र में कुशल जल प्रबंधन के लिए विविध विशेषज्ञता, संसाधनों और क्षमताओं को एक साथ लाने में बहु-हितधारक साझेदारियों की भूमिका की जांच की गई।
प्रतिभागियों ने जल प्रबंधन के लिए सरकार के नेतृत्व वाली पहलों और नवोन्मेषी दृष्टिकोणों पर भी चर्चा की, जिसमें प्रौद्योगिकी-आधारित, स्थानीय रूप से विकसित और विस्तार योग्य समाधानों पर जोर दिया गया।
जल-बचत और जलवायु-स्मार्ट प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर अपनाने पर चर्चाओं में राज्यों के अनुभवों और ऐसी प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर लागू करने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भाषा प्रशांत वैभव
वैभव

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