शराब की दुकान पर गोलीबारी और लूट के प्रयास के मामले में अवैध हथियारों के नेटवर्क का भंडाफोड़
शराब की दुकान पर गोलीबारी और लूट के प्रयास के मामले में अवैध हथियारों के नेटवर्क का भंडाफोड़
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज में शराब की सरकारी दुकान पर गोलीबारी और लूट के प्रयास से जुड़े मामले में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है तथा इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी शनिवार को एक अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस को यह सफलता 24 मई को हुई घटना की जांच के दौरान मिली, जिसमें मध्य दिल्ली स्थित शराब की एक सरकारी दुकान में लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने गोलीबारी की थी और ‘सेल्समैन’ पर चाकू से हमला किया था।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद से मुख्य आरोपियों, हर्ष और मोंटी को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके पास से एक पिस्तौल, एक चाकू और अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की।
अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बयानों का विश्लेषण किया और तकनीकी निगरानी तथा स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से सुराग जुटाए।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार के स्रोत का पता लगाया, और जांच में यह सामने आया कि पहाड़गंज निवासी साहिल उर्फ गंजा (20) तथा न्यू उस्मानपुर निवासी अमित (25) ने आरोपियों के लिए हथियार की व्यवस्था की थी।
जांचकर्ताओं ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम निवासी विपिन (33) की पहचान कथित रूप से हथियार की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति के रूप में की है। पुलिस ने विपिन को गिरफ्तार कर उसके पास से दो अवैध पिस्तौल, पांच मैगजीन और दो कारतूस बरामद किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि आरोपी मोंटी द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार की व्यवस्था कथित तौर पर साहिल ने की थी, जबकि अमित ने साहिल के लिए हथियार की खरीद में मदद की।
उन्होंने कहा कि यह भी सामने आया कि विपिन इस हथियार का स्रोत था और वह अवैध हथियारों की आपूर्ति में कथित रूप से शामिल था।
पुलिस ने बताया कि उस आपूर्ति शृंखला का पता लगा लिया गया है, जिसके माध्यम से पहाड़गंज में हुई घटना में इस्तेमाल हथियार की व्यवस्था की गई थी।
इसने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अवैध हथियारों के अन्य लेन-देन का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


