आईएमडी ने दक्षिण बंगाल में उष्ण लहर की चेतावनी जारी की

आईएमडी ने दक्षिण बंगाल में उष्ण लहर की चेतावनी जारी की

आईएमडी ने दक्षिण बंगाल में उष्ण लहर की चेतावनी जारी की
Modified Date: April 22, 2026 / 05:19 pm IST
Published Date: April 22, 2026 5:19 pm IST

कोलकाता, 22 अप्रैल (भाषा) दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में 25 अप्रैल तक उष्ण लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि हालांकि, इस सप्ताह के दौरान उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘निचले स्तरों पर शुष्क पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने तथा मौसमी सौर तापन के कारण 25 अप्रैल तक दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में लू या गर्म और उमस भरी स्थिति रहने की संभावना है।’

मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है जबकि पूर्वी और तटीय क्षेत्रों में यह दो से तीन डिग्री अधिक रह सकता है।

विभाग ने बताया कि सप्ताह के शेष दिनों में दक्षिण बंगाल में असहज और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। इस दौरान तटीय जिलों में सापेक्षिक आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत और आंतरिक क्षेत्रों में 75 से 80 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

आईएमडी ने कहा कि दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जैसे उप-हिमालयी जिलों में 28 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार, पश्चिम बर्धमान जिले के पानागढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से सात डिग्री अधिक है।

वहीं, बांकुरा (43.2), आसनसोल (42.5) और पुरुलिया (42.3) में दिन का तापमान काफी अधिक रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता में दिन का तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने शाम तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।

उष्ण लहर (लू) की स्थिति का तात्पर्य असामान्य रूप से उच्च तापमान (आमतौर पर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक) की अवधि को संदर्भित करता है, जो कम से कम दो दिनों तक बनी रहती है और सामान्य से काफी अधिक होती है।

यदि ऐसी मौसम स्थिति कुछ दिनों तक बनी रहती है तो इसे आधिकारिक तौर पर लू घोषित कर दिया जाता है।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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