केरल के मंजेश्वर में एलडीएफ के वोट यूडीएफ को मिले, जिससे हारी भाजपा: आईएनएल नेता

केरल के मंजेश्वर में एलडीएफ के वोट यूडीएफ को मिले, जिससे हारी भाजपा: आईएनएल नेता

केरल के मंजेश्वर में एलडीएफ के वोट यूडीएफ को मिले, जिससे हारी भाजपा: आईएनएल नेता
Modified Date: May 10, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: May 10, 2026 7:46 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 10 मई (भाषा) इंडियन नेशनल लीग (आईएनएल) के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को दावा किया कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में उत्तरी कासरगोड जिले की मंजेश्वर विधानसभा सीट पर भाजपा को जीतने से रोकने और धर्मनिरपेक्षता को कायम रखने के लिए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के मत संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) के पाले में खिसक गये।

एलडीएफ के घटक लीग के महासचिव कासिम इरिकुर ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए यह दावा किया।

एलडीएफ को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।

इरिकुर ने दावा किया कि मंजेश्वर में एलडीएफ ने जानबूझकर यूडीएफ को अपने मत दे दिए।

उन्होंने कहा कि वामपंथी उम्मीदवार की जमानत मतों की कमी के कारण नहीं बल्कि इसलिए जब्त हुई क्योंकि एलडीएफ समर्थकों ने भाजपा नेता के. सुरेंद्रन को हराने के लिए यूडीएफ उम्मीदवार को वोट दिया था।

इरिकुर ने कहा कि मंजेश्वर में भाजपा को हराना एलडीएफ की प्राथमिकता थी क्योंकि सुरेंद्रन के सीट जीतने की प्रबल संभावना थी।

उन्होंने हालांकि आरोप लगाया कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में एलडीएफ और भाजपा के बीच मुकाबला था, वहां ऐसा नहीं हुआ।

लीग के नेता ने यह भी कहा कि यूडीएफ के असहयोग के कारण भाजपा ने तीन सीट पर जीत हासिल कीं।

उन्होंने एक मलयालम टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, “ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि के. सुरेंद्रन विधानसभा में प्रवेश न कर सकें। क्या कांग्रेस कार्यकर्ता भी इसी तरह भाजपा को हराने के लिए अपने मत दूसरे दलों के देंगे? वे ऐसा नहीं करेंगे।”

मंजेश्वर में यूडीएफ उम्मीदवार ए.के.एम. अशरफ ने भाजपा की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को 29,252 मतों के अंतर से हराया।

एलडीएफ उम्मीदवार के.आर. जयानंद को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत


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