स्वतंत्रता दिवस: ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और 12 शरणार्थी गायकों ने गाया राष्ट्रगान

स्वतंत्रता दिवस: ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और 12 शरणार्थी गायकों ने गाया राष्ट्रगान

स्वतंत्रता दिवस: ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और 12 शरणार्थी गायकों ने गाया राष्ट्रगान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:27 pm IST
Published Date: August 15, 2022 11:27 am IST

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे चार देशों के 12 गायकों ने देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया और देश के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में अफगानिस्तान, म्यांमा, श्रीलंका और कैमरून के 12 कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज के साथ राष्ट्रगान गाते नजर आ रहे हैं।

मंत्रालय द्वारा 14 अगस्त को साझा किए गए इस वीडियो को सोमवार तड़के तक ट्विटर पर 12,000 से अधिक ‘लाइक’ मिल चुके थे और 3,800 से अधिक बार इसे ‘रीट्वीट’ किया गया।

भारत ब्रिटिश शासन से अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत कई भव्य कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘ दुनिया भर के लोग भारत के प्रति प्यार व्यक्त कर रहे हैं। भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और चार देशों के 12 शरणार्थी गायकों ने राष्ट्रगान गाया। ’’

इस वीडियो को नोएडा के एक स्टूडियो में फिल्माया गया है। इसका शीर्षक ‘ ‘‘भारत के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता दिखाते हुए: भारत में रहने वाले शरणार्थियों द्वारा सम्मान।’’ इस वीडियो के अंत में संयुक्त राष्ट्र और यूएनएचसीआर (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त) के ‘चिह्न’ (लोगो) नजर आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी रविवार को यह वीडियो साझा किया था।

‘यूएनएचसीआर इंडिया’ ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर लिखा, ‘‘ भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और 12 शरणार्थी गायकों ने राष्ट्रगान गाया… हम भारत को उसकी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं देते हैं। हम भारत सरकार और उसके लोगों का करुणा, प्रेम और समर्थन के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।’’

भाषा निहारिका प्रशांत

प्रशांत


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