US-Israel Iran War News: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान की मदद के लिए आगे आया भारत, ईरानी जहाज को इस जगह पर डॉकिंग की दी अनुमति

US-Israel Iran War News: भारत सरकार के सूत्रों ने बताया है कि इस घटना से पहले, भारत ने एक ईरानी जहाज की मदद की थी।

US-Israel Iran War News: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान की मदद के लिए आगे आया भारत, ईरानी जहाज को इस जगह पर डॉकिंग की दी अनुमति

US-Israel Iran War News/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: March 6, 2026 / 11:02 pm IST
Published Date: March 6, 2026 10:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है।
  • भारत सरकार के सूत्रों ने बताया है कि इस घटना से पहले, भारत ने एक ईरानी जहाज की मदद की थी।
  • इस समय जहाज के 183 सदस्यीय क्रू मेंबर्स कोच्चि में नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।

US-Israel Iran War News: नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। अमेरिका ने पिछले दिनों भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को हिंद महासागर में पनडुब्बी से हमला करके डुबो दिया था, जिसके बाद कई सवाल खड़े हुए थे। अब भारत सरकार सूत्रों न एक ऐसी जानकारी दी है, जिसे जानकर हर कोई हैरान कर दिया है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया है कि इस घटना से पहले, भारत ने एक ईरानी जहाज की मदद की थी। पिछले दिनों जब समुद्री अभ्यास के लिए ईरान का एक दूसरा जहाज IRIS LAVAN भारत आ रहा था, (US-Israel Iran War News) तब उसमें कोई टेक्निकल दिक्कत आ गई थी। इसके बाद भारत ने उसे शरण देते हुए डॉक (रुकने) करने की अनुमति दी। इस समय जहाज के 183 सदस्यीय क्रू मेंबर्स कोच्चि में नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।

कोच्चि में डॉक हुआ IRIS LAVAN

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीलंका के दक्षिण में IRIS डेना की घटना से कुछ दिन पहले, ईरान ने भारत से ईरानी जहाज IRIS LAVAN को शरण देने के लिए संपर्क किया था, जो इंटरनेशनल फ़्लीट रिव्यू के लिए भी उस इलाके में था। यह मदद 28 फरवरी 2026 को मांगी गई थी, जिससे पता चलता है कि कोच्चि में डॉकिंग जरूरी थी, क्योंकि जहाज में टेक्निकल दिक्कतें आ गई थीं। इसके बाद एक मार्च को डॉकिंग के लिए मंजूरी भी मिल गई। IRIS LAVAN तब से 4 मार्च को कोच्चि में डॉक हो गया है। (US-Israel Iran War News) इस मामले में, इसके 183 क्रू मेंबर अभी कोच्चि में नेवल सुविधाओं में रुके हुए हैं। भारत द्वारा ईरान के अनुरोध को स्वीकार किए जाने के बाद ईरानी पोत ‘आइरिस लावन’ को कोच्चि में खड़ा किया गया है।

इंटरनेशनल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था IRIS डेना

बताया जा रहा है कि, ईरान का युद्धपोत IRIS डेना भारत द्वारा होस्ट किए गए इंटरनेशनल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था। इसके बाद जब वह वापस रवाना हुआ था मेरिका ने पनडुब्बी के जरिए उस पर हमला कर दिया। उस समय बड़ी संख्या में ईरानी क्रू मेंबर्स जहाज पर सवार थे। इस हमले के तुरंत बाद IRIS डेना पानी में डूबने (US-Israel Iran War News) लगा और कई लोगों की मौत भी हुई है। भारत और श्रीलंका की नेवी ने डेना की मदद की थी।

हमले में मारे गए थे 80 से ज्यादा ईरानी सैनिक

सामने आई जानकारी के अनुसार, अमेरिका द्वारा किए गए हमले में लगभग 87 ईरानी सैनिक मारे गए थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया था कि, “IRIS डेना एक ट्रेनिंग जहाज था। इसे इंडियन नेवी ने एक एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था। वे वहां मेहमान के तौर पर गए थे। (US-Israel Iran War News) वे बिना हथियार के थे।” उन्होंने कहा, “ऐसे जहाज पर हमला करना एक वॉर क्राइम है।” हमले के कुछ घंटों बाद, पेंटागन ने फ्रिगेट के डूबने का एक छोटा वीडियो जारी किया।

अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी का बयान भी आया था सामने

वहीं, अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने बुधवार को पेंटागन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि वर्ल्ड वॉर II के बाद से यह पहली बार था जब किसी दुश्मन वॉरशिप को टॉरपीडो से डुबोया गया था। IRIS डेना ने इंडियन नेवी के प्रीमियर मल्टीलेटरल मैरीटाइम एक्सरसाइज मिलान का हिस्सा बनकर हिस्सा लिया। (US-Israel Iran War News) पिछले महीने हुई इस बड़ी एक्सरसाइज में 42 वॉरशिप और सबमरीन ने हिस्सा लिया था, जिसमें 18 फ्रेंडली देशों के जहाज भी शामिल थे।

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