भारत और सिंगापुर ने अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की

भारत और सिंगापुर ने अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की

भारत और सिंगापुर ने अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की
Modified Date: August 6, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: August 6, 2026 10:32 pm IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) भारत और सिंगापुर ने बृहस्पतिवार को दोनों देशों की ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (सीएसपी) रूपरेखा में बताए गए आठ प्रमुख क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत-सिंगापुर विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी)के 19वें दौर की वार्ता नयी दिल्ली में आयोजित की गई।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्वी) रुद्रेंद्र टंडन ने और सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव (नीति) ल्यूक गोह ने किया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने ‘भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी रूपरेखा’ के तहत तय किए गए आठ मुख्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। इन क्षेत्रों पर ‘भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) के तहत चर्चा की जाएगी।’’

बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए आसियान सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर करीबी तालमेल के महत्व को दोहराया।

सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान भारत-सिंगापुर संबंधों का उन्नयन ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर किया गया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सितंबर 2025 में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ की रूपरेखा पेश की गई। इसमें कौशल विकास, आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, स्थिरता, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा, लोगों के बीच और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, तथा रक्षा और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं।

भारत यात्रा के दौरान सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में स्थायी सचिव ल्यूक गोह ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। वह विदेश सचिव विक्रम मिसरी तथा कानून और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव राजीव मणि से भी मिले।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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