चीनी के उत्पादन और इस्तेमाल दोनों में भारत बना नंबर-1, कई देश छूटे पीछे, इतने करोड़ रुपए का हुआ फायदा

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आंकड़ों की मानें तो इस सीजन के अंत में 60 एलएमटी शुगर स्टॉक बचा हुआ है जो कि 2.5 महीने की जरूरत पूरी कर सकता है।

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  • Publish Date - October 6, 2022 / 11:08 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

Sugar export

India becomes largest sugarcane producer: विदेशों में एक्सपोर्ट किए जाने की वजह से भारत को 40 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा हासिल हुई है। मंत्रालय के अनुसार शुगर का एथेनॉल के निर्माण में इस्तेमाल भी रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच गया है। साल 2018-19 में 3 LMT से बढ़कर 2021-22 शुगर सीजन तक ये आंकड़ा 35 एलएमटी तक पहुंच गया है। आंकड़ों की मानें तो इस सीजन के अंत में 60 एलएमटी शुगर स्टॉक बचा हुआ है जो कि 2.5 महीने की जरूरत पूरी कर सकता है।

India becomes largest sugarcane producer: मंत्रालय ने कहा कि गन्ने के उत्पाद का ये मौसम शुगर सेक्टर के लिए ऐतिहासिक रहा है। 2021-22 सीजन में गन्ने की खेती, चीनी का उत्पाद, इस्तेमाल और खरीद ने रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि इस बार का मौसम भारतीय चीनी क्षेत्र के लिए एकदम सही साबित हुआ है।

पिछले साल क्या रहा शुगर सीजन का हाल

India becomes largest sugarcane producer: इससे पहले यानी साल 2020-21 में हमारे देश में चीनी का निर्यात 70 लाख टन और 2019-20 में 59.6 लाख टन रहा था। इसके अलावा पिछले सीजन 506 मिलों में गन्ने की पेराई हुई थी। इस सीजन 2021-22 में कुल 522 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई हुई है।

India becomes largest sugarcane producer: मंत्रालय ने कहा, ”सपोर्टिव इंटरनेशनल कीमतों और भारत सरकार की पॉलिसी से भारतीय शुगर इंडस्ट्री ने यह उपलब्धि हासिल की। एक्‍सपोर्ट से देश को करीब 40,000 करोड़ रुपये फॉरेन करेंसी हासिल हुई.” मिनिस्‍ट्री का अनुमान है, ”नए सीजन में चीनी को इथेनॉल में बदलने की उम्मीद 35 लाख टन से बढ़कर 50 लाख टन हो जाएगी, जिससे चीनी मिलों को करीब 25,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल होगा।”

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