नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा साझेदार के रूप में उभर रहा है और लगातार अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कारगिल युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
‘कारगिल विजय दिवस’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोगों के जीवन में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा, ‘‘आज 26 जुलाई ऐसी ही एक तारीख है। आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है। यह दिन हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ कारगिल की ऊंची-ऊंची चोटियां, खराब मौसम और दुश्मन की चुनौती-हमारे सैनिकों ने हर परिस्थिति का डटकर सामना किया, लेकिन उनका हौसला हर चुनौती से कहीं बड़ा था।’’
उन्होंने कहा कि आज का भारत न केवल अपने वीरों को याद करता है, बल्कि उनकी गौरवगाथा नयी पीढ़ी तक भी पहुंचाता है। इसी भावना के साथ इस वर्ष ‘शौर्य विजय यात्रा’ का विशेष आयोजन किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सैनिकों के साहस के साथ-साथ भारत अपनी प्रौद्योगिकी क्षमता भी लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ‘आईएनएस महेंद्रगिरि’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया और यह आधुनिक युद्धपोत पूरी तरह भारत में डिजाइन एवं निर्मित किया गया है।
मोदी ने कहा, ‘‘इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई 75 प्रतिशत से अधिक सामग्री स्वदेशी है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।’’
उन्होंने कहा कि इसी महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया और इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दो-तीन दिन पहले ही डीआरडीओ ने ‘कुशा मिसाइल’ का भी सफल परीक्षण किया है।
उन्होंने कहा कि आज रक्षा उत्पादन हो या रक्षा निर्यात, भारत लगातार नयी ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जुलाई की शुरुआत में वह इंडोनेशिया की यात्रा पर थे और उस दौरान ब्रह्मोस एवं अस्त्र मिसाइलों से संबंधित एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट ‘विक्रम-1’ के पिछले रविवार को हुए सफल प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए कहा कि इससे हर भारतीय गर्व महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे युवा नवप्रवर्तकों ने वह उपलब्धि हासिल की है जिसकी कभी कल्पना करना भी कठिन था। उन्होंने अद्भुत कौशल, जुनून और धैर्य का परिचय दिया है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र निजी क्षेत्र के लिए बंद रहा, जिससे अनेक प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाया।
उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए हमने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोला और आज पूरी दुनिया इसके परिणाम देख रही है।’’
वर्षा जल संचयन से जुड़े ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका संदेश बहुत सरल है ‘‘जहां और जब वर्षा हो, वहीं उस पानी का संरक्षण करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसी उद्देश्य से चार जुलाई से देशभर में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जलाशयों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही है।’’
प्रधानमंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु का भी उल्लेख किया, जिन्होंने जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है।
उन्होंने लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली टेस्ट मैच जीत का भी उल्लेख करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री ने खेलों से जुड़ी एक अनोखी पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केरल के एर्नाकुलम जिले के साउथ चित्तूर स्थित एक स्कूल में संस्कृत क्लब चलाया जा रहा है, जहां शिक्षक अभिलाष संस्कृत को रोचक ढंग से सिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस परियोजना का नाम ‘अक्षरकंदुक’ है। इसमें संस्कृत के अक्षरों को फुटबॉल में इस्तेमाल होने वाले शब्दों से जोड़कर सरल तरीके से समझाया जाता है। इससे सीखना आनंददायक बनता है और लोगों का खेलों से जुड़ाव भी बढ़ता है।’’
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों की उपलब्धियों, उत्तर प्रदेश के बिजनौर की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की जा रही ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय’, तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लाखों पौधे लगाए जाने का भी उल्लेख किया।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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