भारत और मालदीव की समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है: मुरलीधरन

भारत और मालदीव की समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है: मुरलीधरन

भारत और मालदीव की समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है: मुरलीधरन
Modified Date: June 4, 2023 / 10:32 pm IST
Published Date: June 4, 2023 10:32 pm IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने माले में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से रविवार को मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि भारत और मालदीव के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

इसके अलावा मुरलीधरन और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद की मौजूदगी में 10 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते भारत की अनुदान सहायता के तहत द्वीप राष्ट्र में कला, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में कई विकास परियोजनाओं को शुरू करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

विदेश राज्य मंत्री विकास परियोजना ‘गण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा’ के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए।

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शाहिद ने कहा कि भारत की ऋण सहायता के तहत कार्यान्वित की जा रही यह परियोजना, अद्दू शहर में विकास के तौर पर अहम मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, “ इसके पूरा हो जाने के बाद, यह देश के पूरे दक्षिण हिस्से के लिए विकास का प्रवेश द्वार बन जाएगी।”

सोलिह से मुलाकात के बाद मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने मालदीव के राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, “ मालदीव के राष्ट्रपति महामहिम इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं और हमने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से शुभकामनाएं दीं।”

मुरलीधरन ने ट्विटर पर कहा, “ भारत और मालदीव के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी और भरोसेमंद साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।”

प्रेस में जारी बयान में, मुरलीधरन ने कहा कि मालदीव में भारत के विकास सहयोग पोर्टफोलियो में हाल के वर्षों में काफी विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में, भारत मालदीव का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया है। हमने महामारी की चुनौतियों से निपटने के लिए बहुत करीब से काम किया है।’

भाषा नोमान नरेश

नरेश


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