भारत को नए दल-बदल रोधी कानून की जरूरत है : कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी
भारत को नए दल-बदल रोधी कानून की जरूरत है : कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी
चंडीगढ़, 19 जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का कहना है कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र की सर्वोच्च प्राथमिकता सभी अन्य कार्यों को स्थगित कर नया दल-बदल रोधी कानून लाने की आवश्यकता पर चर्चा करना होना चाहिए।
चंडीगढ़ से सांसद तिवारी ने रविवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया था, अब लोकसभा की वर्तमान संरचना उसके अनुरूप नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा, “देखिए, मूल बात यह है कि 2024 में जनता ने एक जनादेश दिया था और उसी के अनुरूप लोकसभा का गठन हुआ था। आज, दो साल बाद, लोकसभा की संरचना उस जनादेश के अनुरूप नहीं रह गई है। यह जनता के जनादेश के विपरीत है।”
तिवारी ने कहा कि मानसून सत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि संसद अन्य सभी काम रोककर इस बात पर विचार करे कि क्या नए दल-बदल रोधी कानून की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ‘आया राम, गया राम’ जैसी अवसरवादी राजनीति पर रोक लगाने की जरूरत है, जिसमें नेता वैचारिक या नीतिगत मतभेदों की परवाह किए बिना बार-बार दल बदलते रहते हैं।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और 13 अगस्त तक चलेगा।
भाषा शफीक प्रशांत
प्रशांत

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