Corruption Perception Index 2024: भारत में लगातार बढ़ रहा भ्रष्टाचार, दुनिया के 180 देशों में इतने नंबर पर इंडिया, जानें पाकिस्तान और चीन की रैंकिंग

भारत में लगातार बढ़ रहा भ्रष्टाचार, दुनिया के 180 देशों में इतने नंबर पर इंडिया, India ranks 96th out of 180 countries in Corruption Perception Index

Corruption Perception Index 2024: भारत में लगातार बढ़ रहा भ्रष्टाचार, दुनिया के 180 देशों में इतने नंबर पर इंडिया, जानें पाकिस्तान और चीन की रैंकिंग
Modified Date: February 12, 2025 / 08:24 am IST
Published Date: February 12, 2025 7:16 am IST
HIGHLIGHTS
  • सबसे कम भ्रष्ट राष्ट्रों की सूची में डेनमार्क शीर्ष पर
  • पाकिस्तान (135) और श्रीलंका (121) निचले पायदान पर
  • 3 पायदान गिरकर 96वीं रैंक पर पहुंचा भारत

नई दिल्ली: Corruption Perception Index 2024  ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के लिए भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) में भारत 180 देशों में 96वें स्थान पर है, क्योंकि इसका समग्र स्कोर एक अंक गिरकर 38 हो गया है। यह सूचकांक, सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तर के आधार पर 180 देशों और क्षेत्रों की रैंकिंग करता है। भारत का कुल स्कोर 2024 में 38 था, जबकि 2023 में यह 39 और 2022 में 40 था। वर्ष 2023 में भारत की रैंकिंग 93 थी।

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Corruption Perception Index 2024 सबसे कम भ्रष्ट राष्ट्रों की सूची में डेनमार्क शीर्ष पर है, उसके बाद फिनलैंड और सिंगापुर का स्थान है। भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान (135) और श्रीलंका (121) निचले पायदान पर हैं, जबकि बांग्लादेश की रैंकिंग और नीचे 149 पर है। चीन 76वें स्थान पर है। सूचकांक ने दिखाया कि भ्रष्टाचार दुनिया के हर हिस्से में एक गंभीर समस्या है, लेकिन कई देशों में बेहतरी के लिए बदलाव हो रहा है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि भ्रष्टाचार जलवायु कार्रवाई के लिए एक बड़ा खतरा है। यह उत्सर्जन को कम करने और वैश्विक तापमान के अपरिहार्य प्रभावों के अनुकूल होने में प्रगति को बाधित करता है।

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हालांकि, 2012 के बाद से 32 देशों ने अपने भ्रष्टाचार के स्तर में उल्लेखनीय कमी लायी है, फिर भी अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है, क्योंकि इसी अवधि के दौरान 148 देशों में भ्रष्टाचार स्थिर रहा है या उसकी स्थिति और खराब हो गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक औसत 43 वर्षों से स्थिर है, जबकि दो तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 50 से नीचे है। अरबों लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जहां भ्रष्टाचार जीवन को तबाह कर देता है और मानव अधिकारों को कमजोर करता है।


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