भारत, दक्षिण कोरिया का आर्थिक समझौते पर बातचीत शुरू करने का फैसला
भारत, दक्षिण कोरिया का आर्थिक समझौते पर बातचीत शुरू करने का फैसला
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) भारत और दक्षिण कोरिया ने वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बढ़ते व्यापारिक व्यवधानों के मद्देनजर अपने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को उन्नत करने के लिए बातचीत शुरू करने पर सोमवार को सहमति जताई।
दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच हुई बातचीत के बाद इस फैसले की घोषणा की।
बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति एवं स्थिरता का संदेश देते हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया।
मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति ली की यात्रा के बाद हम अपने भरोसेमंद सहयोग को एक भविष्योन्मुखी साझेदारी में बदलने जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि साल 2010 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लागू होने के बाद भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को रफ्तार मिली।
मोदी ने कहा, “चिप से लेकर जहाजों तक, प्रतिभा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, मनोरंजन से लेकर ऊर्जा तक, हम हर क्षेत्र में सहयोग के नये अवसर तलाशेंगे।”
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समावेशी हिंद-प्रशांत की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम अपने साझा प्रयासों के जरिये शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी हिंद-प्रशांत में योगदान देना जारी रखेंगे।”
उन्होंने बताया कि बातचीत में व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों और लोगों के बीच आपसी संपर्क के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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