इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है भारत: राष्ट्रपति मुर्मू

इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है भारत: राष्ट्रपति मुर्मू

इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है भारत: राष्ट्रपति मुर्मू
Modified Date: August 26, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: August 26, 2026 7:31 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के मद्देनजर अपने नेपाली समकक्ष रामचंद्र पौडेल और पड़ोसी देश के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता से खड़ा है।

मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई तथा 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 46 शव बरामद किए गए हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नेपाल सरकार के राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने को तैयार है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं आज अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही को लेकर नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और नेपाल के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। हम इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं।’’

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ ने धादिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया तथा कम से कम चार स्थायी एवं कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए।

लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इनमें से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश


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