trade deal/ image source: Thestatesman
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुल जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा।
इस फ्रेमवर्क के तहत भारत ने अपने संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, चीज़, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्ज़ियां और मांस इस समझौते से बाहर रखे गए हैं। इसका उद्देश्य भारतीय किसानों और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा करना है। भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करने का वादा किया है, लेकिन यह केवल कुछ चुने हुए क्षेत्रों तक सीमित है।
कृषि क्षेत्र में अमेरिकी उत्पादों पर सीमित खुलापन देखा गया है। इसमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs) और रेड सोरघम जैसे पशु आहार, ट्री नट्स (बादाम, अखरोट), ताजा और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये आइटम मुख्य खाद्यान्न उत्पादन को सीधे प्रभावित नहीं करते और भारतीय किसानों की सुरक्षा बनी रहती है।
संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। इसमें प्रमुख अनाज जैसे गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार, रागी और मोटे अनाज (बाजरा, कोदो, कांगनी, ओट्स, श्यामक, अमरंथ) शामिल हैं। इसके अलावा डेयरी उत्पाद जैसे दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), घी, मक्खन, बटर मिल्क, योगहर्ट, पनीर और विभिन्न प्रकार के चीज़ भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय मसाले और औषधीय जड़ी-बूटियों पर भी व्यापक सुरक्षा दी गई है, जिसमें काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, हींग और अन्य प्रमुख मसाले शामिल हैं।
ताजा और फ्रोजन सब्ज़ियां तथा फल भी संरक्षित श्रेणी में हैं। इसमें आलू, प्याज, मटर, फलियां, मशरूम, भिंडी, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, काबुली चना और शकरकंद शामिल हैं। फलों में केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संरक्षित चेरी, इमली और सिंघाड़ा गिरी शामिल हैं। ड्राई फ्रूट्स और साइट्रस फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर आदि पर भी कोई रियायत नहीं दी गई है।
इसके अतिरिक्त, भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 बिलियन डॉलर मूल्य के उत्पाद खरीदेगा। इसमें ऊर्जा और संसाधन जैसे तेल, गैस और कोकिंग कोल, विमान और उनके पुर्जे, डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी और AI अनुप्रयोगों के लिए GPU शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर लगे 50% टैरिफ को घटाकर 18% करने की घोषणा की है। यह टैरिफ पहले रूस से तेल खरीद के कारण लगाया गया था। दोनों देशों का लक्ष्य मार्च 2026 तक एक औपचारिक और पूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना है।
भारत के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई। दरअसल, US India Trade Deal अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर टैरिफ कम कर दिया है। भारत पर लगाए जाने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% किया। अब भारत और अमेरिका के बीच केवल 18 फीसदी टैरिफ है। इस बात का ऐलान खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसपर खुशई जताई है। बताते चलें कि भारत पर 50% अमेरिकी टैरिफ बीते 27 अगस्त से लागू है।