आपके कार्यकाल में भारत महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी बना: राष्ट्रपति मुर्मू ने मोदी को पत्र लिखा

आपके कार्यकाल में भारत महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी बना: राष्ट्रपति मुर्मू ने मोदी को पत्र लिखा

आपके कार्यकाल में भारत महत्वपूर्ण बदलावों का साक्षी बना: राष्ट्रपति मुर्मू ने मोदी को पत्र लिखा
Modified Date: June 10, 2026 / 02:46 pm IST
Published Date: June 10, 2026 2:46 pm IST

(अश्विनी श्रीवास्तव)

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी है और कहा कि इस अवधि के दौरान देश ने राष्ट्रीय जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं।

प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में राष्ट्रपति ने कहा कि चाहे गरीबों का कल्याण हो, सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हो, किसानों को सशक्त बनाना हो या मध्यम एवं नव-मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा करना हो, ‘‘आपकी सर्वसमावेशी दृष्टि और कार्य करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लेकर आए हैं।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘समाज के वंचित वर्गों के प्रति आपकी संवेदनशीलता और अंत्योदय अर्थात कतार में सबसे अंतिम व्यक्ति के उत्थान के आदर्श के प्रति आपकी प्रतिबद्धता ने मुझे गहराई से प्रभावित किया है। यह केवल एक नीतिगत हस्तक्षेप नहीं था, बल्कि भारत के सबसे कमजोर और वंचित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना का परिचायक था।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में उन क्षेत्रों को विशेष ध्यान मिला है, जो लंबे समय तक भारत के विकास की मुख्यधारा से बाहर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह बात विशेष रूप से भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों पर लागू होती है, जो विकास के विभिन्न मानकों पर अपेक्षाकृत पीछे रह गए थे।

मुर्मू ने कहा कि ऐसे प्रयास जन-केंद्रित और जन-भागीदारी आधारित सुशासन की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी क्षेत्र, समुदाय या नागरिक पीछे न छूटे।

नौ जून को लिखे पत्र में राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने तक की आपकी यात्रा भारतीय लोकतंत्र की सबसे प्रेरक विशेषताओं में से एक को पुनः स्थापित करती है। यह दर्शाती है कि हमारे गणराज्य में सार्वजनिक जीवन के दरवाजे उन सभी लोगों के लिए खुले हैं जो राष्ट्र के हित में सेवा, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए स्वयं को समर्पित करते हैं।’’

मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद संभाला था। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड पार कर भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया है।

राष्ट्रपति ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘आपने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश का नेतृत्व किया है और परंपरा तथा विकास का अनूठा समन्वय स्थापित किया है। आज भारत वैश्विक समुदाय में अपना उचित और महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है।’’

उन्होंने कहा कि इतिहास भले ही किसी व्यक्ति के पद पर बिताए गए वर्षों को दर्ज करता है, लेकिन जनता यह याद रखती है कि उन वर्षों ने उनके जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया, उनके अवसरों का विस्तार किया और भविष्य के प्रति उनके विश्वास को कैसे मजबूत किया।

मुर्मू ने कहा, ‘‘लोकसेवा की वास्तविक कसौटी अंततः उन जिंदगियों में निहित होती है जिनमें परिवर्तन आया और उन आशाओं में, जो साकार हुईं। मुझे विश्वास है कि सेवा, समावेशन और राष्ट्रीय विकास के आदर्शों के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता भारत को उसकी आकांक्षाओं की पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ाती रहेगी।’’

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में