नासा से जुड़ी संगीत परियोजना में भारतीय गायक जोई बरुआ शामिल
नासा से जुड़ी संगीत परियोजना में भारतीय गायक जोई बरुआ शामिल
नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) लोकप्रिय भारतीय गायक एवं संगीतकार जोई बरुआ अब ऐसी अंतरराष्ट्रीय संगीत साझेदारी का हिस्सा बनने जा रहे हैं, जिसमें नासा की खगोल-भौतिकी और प्रदर्शन कलाओं का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। वह ब्रह्मांड के रहस्यों और उसकी अद्भुत विशालता को महसूस कराने वाले दो प्रमुख गीतों को अपनी संगीत के जरिए जीवंत करेंगे।
यह पहल नासा के सीओएसआई (कॉम्पटन स्पेक्ट्रोमीटर एंड इमेजर) मिशन और दुनिया भर में प्रस्तुत किए जाने वाले संगीत एवं मल्टीमीडिया कार्यक्रम ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ को एक साथ लाती है। सीओएसआई मिशन का नेतृत्व बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक जॉन टॉमसिक कर रहे हैं।
असम में जन्मे बरुआ ने बताया कि ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ की परिकल्पना कहानीकार एवं गीतकार जोड़ी सुसान लिम और क्रिस्टीना टींज टैन ने की है। फ्रांस के संगीतकार मनु मार्टिन इस पूरी संगीत रचना के मुख्य संगीतकार और संयोजक हैं।
‘एजेंट विनोद’, ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’, ‘देव डी’, ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ जैसी फिल्मों में पार्श्वगायक, स्वर संयोजक और सहायक गायक के रूप में काम कर चुके बरुआ ने कहा कि भारत में ब्रह्मांड और संगीत, दोनों के प्रति गहरा सांस्कृतिक लगाव है और इसके साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वैज्ञानिक उपलब्धियां भी जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा, “नासा के सीओएसआई मिशन से जुड़ी इस साझेदारी में एक भारतीय संगीतकार के तौर पर योगदान देना मेरे लिए बेहद खास अनुभव है। यह बड़े सपने देखने वाले भारत के युवाओं के लिए एक संदेश है कि वैज्ञानिक सोच और कल्पना साथ-साथ चल सकती हैं। जब विज्ञान और प्रदर्शन कला एक साथ आती हैं, तो सामने पूरा ब्रह्मांड होता है।”
संगीतकार ने कहा, “कॉस्मिक रैप्सोडी के पीछे की पूरी रचनात्मक प्रक्रिया को समझना जरूरी है। इस परियोजना को सुसान लिम और क्रिस्टीना टींज टैन की दूरदर्शी टीम ने तैयार किया है, जबकि विशाल वाद्यवृंद रचना ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ के मुख्य संगीतकार और संयोजक मनु मार्टिन हैं।”
बरुआ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “इस परियोजना में मेरा खास योगदान दो महत्वपूर्ण गीतों—‘स्टार अमंग द कॉस्मिक क्लाउड्स’ और ‘कॉन्फेटी स्टॉर्म’—की धुन तैयार करना और मनु मार्टिन के साथ ‘कॉन्फेटी स्टार-आयन’ का सह-लेखन करना रहा है। इस वैश्विक रचनात्मक साझेदारी का हिस्सा बनकर काम करना मेरे लिए असाधारण अनुभव रहा है।”
भाषा खारी वैभव
वैभव

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