ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
Modified Date: April 18, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: April 18, 2026 4:51 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश घोटाले में संलिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अपराध शाखा की टीम ने मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये निवेश करने पर भारी मुनाफा दिलाने का प्रलोभन देकर एक व्यक्ति से कथित तौर पर 33.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपियों ने पीड़ितों को अधिक मुनाफे का प्रलोभन दिया और पूर्व में किये गए निवेश की राशि को ‘अनलॉक’ या निकालने के नाम पर और अधिक निवेश करने के लिए किया।’’

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह दिल्ली, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों में सक्रिय था।

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच के दौरान धोखाधड़ी से प्राप्त राशि 15 बैंक खातों में जमा कराने की बात सामने आई। इनमें से 13 खाते दिल्ली के बाहर खुलवाए गए, जो दर्शाता है कि यह गिरोह संगठित और अंतरराज्यीय था।’’

उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान दिल्ली के मोहम्मद खालिद (26) व अतियुर रहमान (23), पंजाब के रमनदीप सिंह (29) और राजस्थान के तनिष उर्फ ​​हीरा राम (27) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, खालिद को 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने कमीशन के बदले अपने बैंक खाते की जानकारी और सिम कार्ड एक सह-आरोपी को दे दिए थे।

रहमान पहले से ही इसी तरह के एक मामले में हरियाणा की जेल में बंद था और उसे बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

रमनदीप सिंह को छह अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और उसने कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए अपने खाते की जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की।

तनिष को धोखाधड़ी करने वाले गिरोह में ऐसे खातों के इस्तेमाल की सहूलियत देने के आरोप में नौ अप्रैल को राजस्थान से पकड़ा गया था।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। उसने बताया कि प्रकरण की जांच जारी है।

भाषा

शुभम धीरज

धीरज


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