विपक्ष के उपनेता पद की मांग का मुद्दा खत्म नहीं हुआ: भाकपा

विपक्ष के उपनेता पद की मांग का मुद्दा खत्म नहीं हुआ: भाकपा

विपक्ष के उपनेता पद की मांग का मुद्दा खत्म नहीं हुआ: भाकपा
Modified Date: July 5, 2026 / 03:37 pm IST
Published Date: July 5, 2026 3:37 pm IST

तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के उपनेता पद की मांग को लेकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के बीच मतभेद रविवार को उस समय और गहरा गए जब भाकपा की प्रदेश इकाई के सहायक सचिव पी. पी. सुनीर ने कहा कि यह मुद्दा ‘‘खत्म नहीं हुआ है।’’

विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने हाल में कहा था कि इस पद को लेकर भाकपा की मांग अब पुरानी बात हो चुकी है।

एलडीएफ के दूसरे सबसे बड़े घटक भाकपा ने हाल के विधानसभा चुनाव में मोर्चे की हार के बाद इस पद की मांग की है।

राज्यसभा सदस्य सुनीर ने विजयन की टिप्पणी के बारे में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मुद्दा खत्म नहीं हुआ है। भाकपा का रुख है कि इस पर एलडीएफ के भीतर चर्चा होनी चाहिए। इस मामले को एकतरफा तरीके से खत्म नहीं किया जा सकता।’’

विजयन ने इससे पहले कहा था कि एलडीएफ में विपक्ष का उपनेता बनाए जाने की कोई परंपरा नहीं रही है।

इस पर सुनीर ने कहा कि जब देश के संविधान में भी संशोधन किया जा सकता है तो परंपरा को बाधा के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ के सत्ता में रहने के दौरान भाकपा ने ‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएम श्री) योजना को अपनाए जाने के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया था।

सुनीर ने कहा, ‘‘मुख्य समस्या यह है कि भाकपा ने एलडीएफ के भीतर जब भी विभिन्न विषयों से जुड़े मुद्दे उठाए, तो उन्हें न तो गंभीरता से लिया गया और न ही उन पर चर्चा की गई। हमारा मानना है कि चुनाव में हार का यह भी एक कारण था। हम इसमें बदलाव चाहते हैं और इसीलिए विपक्ष के उपनेता पद की मांग कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भाकपा अपनी मांग वापस नहीं लेगी। उन्होंने इस बात को दोहराया कि मामले पर एलडीएफ के भीतर चर्चा होनी चाहिए।

सुनीर ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस पर चर्चा होगी।’’

इससे पहले भाकपा के वरिष्ठ नेता बिनॉय विश्वम और के. राजन भी सार्वजनिक रूप से यह मांग उठा चुके हैं।

विजयन के अलावा माकपा के किसी वरिष्ठ नेता ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

भाकपा, हाल में हुए विधानसभा चुनाव में हार के बाद एलडीएफ की कोई बैठक नहीं बुलाए जाने से भी नाराज है।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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