भाजपा को अपने विचार बताना मेरा कर्तव्य, इसका मतलब पार्टी छोड़ना नहीं है: अमरिंदर सिंह

भाजपा को अपने विचार बताना मेरा कर्तव्य, इसका मतलब पार्टी छोड़ना नहीं है: अमरिंदर सिंह

भाजपा को अपने विचार बताना मेरा कर्तव्य, इसका मतलब पार्टी छोड़ना नहीं है: अमरिंदर सिंह
Modified Date: September 26, 2026 / 10:26 am IST
Published Date: September 26, 2026 10:26 am IST

नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाब के बारे में वह क्या महसूस करते हैं, यह अपनी पार्टी (भाजपा) को बताना उनका कर्तव्य है और इसका मतलब यह नहीं है कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं।

सिंह ने यह भी कहा कि वह ‘‘मुश्किल दौर’’ से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।

सिंह ने कहा कि वह 84 वर्ष के हैं लेकिन अभी बूढ़े नहीं हुए हैं। उन्होंने मोरारजी देसाई का उदाहरण दिया जो काफी अधिक उम्र में प्रधानमंत्री बने थे।

उन्होंने पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी की स्मृति में लिखी गई पुस्तक ‘बिशन विद लव’ के विमोचन के अवसर पर शुक्रवार को कहा, ‘‘मैं 84 वर्ष का हूं, लेकिन मोरारजी देसाई भी 92 वर्ष के थे…’’

इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे। अब्दुल्ला ने कहा कि वह चाहते हैं कि अमरिंदर सिंह एक बार फिर मुख्यमंत्री बनें और उन्होंने उनके मुख्यमंत्री बनने की कामना की।

सिंह ने कहा, ‘‘क्रिकेट भद्रजन का खेल है… यह ऐसा खेल है जिसे हमेशा बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसलिए आज हमारे देश में जो कुछ भी हो रहा है, उसके बारे में डॉक्टर साहब (फारूक अब्दुल्ला) मुझसे कहीं अधिक आपको बता सकते हैं… लेकिन हम एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और हमें यहां लोगों की जरूरत है…।’’

उन्होंने मजाक में कहा, ‘‘मैं पहले से ही परेशानी में हूं, इसलिए मेरी चिंता मत कीजिए।’’

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, सैयद किरमानी और मदन लाल सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

जब उनसे पूछा गया कि वह भाजपा से नाराज क्यों हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पंजाब की राजनीति में 60 वर्ष बिताए हैं। कुछ लोग हमारे बाद आए हैं और उन्हें यहां आए हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है…. हमने इन सभी वर्षों में पंजाब की स्थिति देखी है, लेकिन उन्होंने हमसे पूछा तक नहीं।”

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उन्हें अपने विचार और अपनी भावनाएं बताऊं। मैंने यह नहीं कहा है कि कांग्रेस या भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) में अब मेरी कोई प्रासंगिकता नहीं है। पार्टियां बदलती रहती हैं। एक समय मैं कांग्रेस में था, लेकिन ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को लेकर मैं अकाली दल में चला गया था और बाद में कांग्रेस में वापस लौट आया। इसका मतलब यह नहीं है कि अब मैं पार्टी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाऊंगा।’’

सिंह ने जोर देकर कहा, ‘‘लेकिन भाजपा नेताओं को अपने विचार और अपनी भावनाएं बताना मेरा कर्तव्य है।’’

अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिंह भाजपा को छोड़कर फिर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

भाषा संतोष सिम्मी

सिम्मी


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