जयशंकर ने सऊदी अरब के अपने समकक्ष से टेलीफोन पर चर्चा की

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जयशंकर ने सऊदी अरब के अपने समकक्ष से टेलीफोन पर चर्चा की

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  • Publish Date - November 17, 2021 / 08:08 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को सऊदी अरब के अपने समकक्ष फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ टेलीफोन पर चर्चा की जिसमें अफगानिस्तान के घटनाक्रम तथा भारत एवं खाड़ी देश के बीच यात्रा शुरू करने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया ।

विदेश मंत्री जयशंकर अभी सिंगापुर के दौरे पर हैं ।

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान के साथ अच्छी चर्चा हुई। अफगानिस्तान के घटनाक्रम और यात्रा फिर शुरू करने के बारे में चर्चा की । ’

वहीं, जयशंकर ने अपनी सिंगापुर यात्रा की शुरूआत वहां के परिवहन मंत्री एस ईश्वरन से मुलाकात के साथ की ।

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के बारे में चर्चा की गयी।

गौरतलब है कि जयशंकर का सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बातचीत का महत्व ऐसे समय में काफी बढ़ जाता है जब एक दिन पहले ही अफगानिस्तान मामले पर नवनियुक्त अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थामस वेस्ट ने भारत की यात्रा की थी ।

वेस्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला के साथ अलग अलग बातचीत की ।

अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद भारत, अफगानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर संयुक्त अरब अमिरात, कतर, सऊदी अरब, ईरान सहित खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ सम्पर्क में है।

भारत का कहना है कि अफगानिस्तान की भूमि का उपयोग आतंकवाद के लिये नहीं किया जाना चाहिए और वहां के संकट का राजनीतिक समाधान बातचीत के जरिये किया जाना चाहिए ।

भारत ने 10 नवंबर को अफगानिस्तान पर क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था जिसमें रूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने हिस्सा लिया था।

अफगान संकट पर भारत की मेजबानी में हुई सुरक्षा वार्ता में आठ देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने अफगानिस्तान की संप्रभुता,एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने तथा इसके अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की जरूरत पर जोर दिया गया था ।

दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता के अंत में इन आठ देशों ने एक घोषणापत्र में यह बात दोहराई गई थी कि आतंकवादी गतिविधियों को पनाह, प्रशिक्षण, साजिश रचने देने या वित्तपोषण करने देने में अफगान भू-भाग का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

भाषा दीपक दीपक माधव

माधव