जयशंकर ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की

जयशंकर ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की

जयशंकर ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की
Modified Date: January 31, 2026 / 12:39 am IST
Published Date: January 31, 2026 12:39 am IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को अरब लीग के सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत की गई।

नयी दिल्ली शनिवार को भारत-अरब लीग की विदेश मंत्री स्तरीय दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा, जिसके लिए 20 से अधिक देशों ने अपने प्रतिनिधि भेजे हैं।

जयशंकर ने कोमोरोस, लीबिया, सोमालिया और फलस्तीन के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत से भी मुलाकात की।

जयशंकर ने गैत से मुलाकात के बाद कहा, ‘विभिन्न क्षेत्रों में हमारे सहयोग और इसे मजबूत करने के बारे में व्यापक चर्चा हुई। क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।’

जयशंकर ने सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली के साथ अपनी मुलाकात को ‘उपयोगी’ बताया। उन्होंने कहा, ‘व्यापार, क्षमता निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सार्थक बातचीत हुई।’

जयशंकर और लीबियाई विदेश मंत्री एलताहेर एल्बौर ने अपनी मुलाकात के दौरान व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।

जयशंकर ने कहा, ‘व्यापार, व्यवसाय, अवसंरचना और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई।’

उन्होंने कहा, ‘लीबिया की स्थिति पर उनके वक्तव्य की प्रशंसा करता हूं। क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए भारत की संवाद और कूटनीति की वकालत को रेखांकित किया।’

सूडानी विदेश मंत्री मोहिल्दीन सलीम अहमद इब्राहिम के साथ बैठक में विदेश मंत्री ने सूडान में “हिंसा समाप्त करने और संवाद की प्रक्रिया की ओर लौटने” को लेकर भारत के रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, “हमारे द्वारा दी जा रही मानवीय सहायता के साथ-साथ शिक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में हो रहे आदान-प्रदान पर चर्चा हुई।”

जयशंकर ने फलस्तीन सरकार की विदेश और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसेन अगाबेकियन शाहीन से भी मुलाकात की।

उन्होंने कहा, “गाजा शांति योजना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। विकास के लिए सहयोग की समीक्षा की गई और इसे आगे बढ़ाने के लिए पहल पर सहमति बनी।”

भाषा राखी अमित

अमित


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