महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता के लिए बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान की मेजबानी करेंगे जयशंकर

महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता के लिए बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान की मेजबानी करेंगे जयशंकर

महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता के लिए बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान की मेजबानी करेंगे जयशंकर
Modified Date: April 7, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: April 7, 2026 5:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान की एक व्यापक वार्ता के लिए मेजबानी करेंगे। यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच 18 महीने से अधिक समय के उच्च कूटनीतिक तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों में सुधार करना है।

रहमान की मंगलवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय नयी दिल्ली यात्रा, बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की नयी सरकार के सत्ता संभालने के बाद किसी वरिष्ठ सदस्य की पहली उच्च स्तरीय यात्रा है।

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के 17 फरवरी को ढाका में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद दोनों पक्षों ने संबंधों को स्थिर करने के प्रयास शुरू किए।

तारिक रहमान बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री बने।

मामले के बारे में जानकारी रखने वालों के अनुसार, विदेश मंत्री और उनके बांग्लादेशी समकक्ष के बीच बुधवार को होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधों को सुधारना और संबंधों में एक नया चरण शुरू करना होगा।

गंगा जल संधि पर दिसंबर 1996 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें दोनों देशों के बीच नदी के जल बंटवारे के लिए एक तंत्र का प्रावधान है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तीस्ता नदी के जल बंटवारे से संबंधित गंभीर मुद्दा दोनों विदेश मंत्रियों की वार्ता में उठेगा या नहीं।

एक अन्य जटिल मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के प्रत्यर्पण की ढाका की मांग है। 78 वर्षीय हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी व्यापक आंदोलन के कारण अपनी सरकार के सत्ता से हटने के बाद ढाका से भारत आ गई थीं।

इस वर्ष समाप्त हो रही गंगा जल संधि का नवीनीकरण, व्यापार को बढ़ावा देने के तरीके और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन की कमी को देखते हुए बांग्लादेश द्वारा भारत से अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति का अनुरोध वार्ता में चर्चा का विषय बनने की संभावना है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात होने की संभावना है।

भाषा अमित माधव

माधव


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